भगवान अपने भक्त की परीक्षा लेते है-अशोक वशिष्ठ

Jul 27 2022

ग्वालियर। माधव बाल निकेतन एवं वृद्ध आश्रम लक्ष्मीगंज में चल रहे भजन एवं सत्संग का आयोजन के अंतर्गत बुधवार को भागवत आचार्य पं. अशोक वशिष्ठ ने बताया कि भागवत कथा ही हमें कलयुग में भक्ति और सत्य का पाठ पढ़ाती है। हर प्रसंग में भगवान का संपूर्ण सार है। समय समय पर भगवान स्वंय भक्त से मिलने धरती पर अवतार लेते हैं। 
बुधवार को सत्संग भागवत कथा वाचक अशोक वशिष्ठ द्वारा किया गया। इस अवसर पर वृद्ध माता-पिताओं ने पूरे मनोयोग से सत्संग पाठ सुनने का आनंद लिया। सबसे पहले आश्रम में स्थित माता के मंदिर का पूजन किया गया। माता को माला पहनाकर भोग लगाया गया। तत्पश्चात सत्संग करने आए अशोक वशिष्ठ का सम्मान किया। इसके बाद अशोक वशिष्ठ ने कहा कि वृद्ध माता पिता की सेवा करने वाले भी संत कहलाते है। भगवान भाव के भूखे है वह किसी धनवान के धन के नहीं। भवसागर से पार कराने के लिए हमको गुरु की आवश्यकता होती है। गुरु विना ज्ञान संभव नहीं। शंकर जी की कथा का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि मृत्यु लोक के देवता शंकर जी है, और उनकी इजाजत के बिना न तो कोई जा सकता है और न हीं कोई आ सकता हैं। भक्ति और भक्त की व्याख्या करते हुए बताया कि भक्त को अपने प्रभू से कुछ मांगने की आवश्यकता नहीं पड़ती भगवान को अपने सभी बच्चों की चिंता रहती है। बह खुद हीं भक्त की मनोकामना पूर्ण करते है। 
इस अवसर पर माधव बाल निकेतन एवं वृद्ध आश्रम के पवन भटनागर, नूतन श्रीवास्तव, श्याम श्रीवास्तव, श्रीमती सीमा सक्सेना, वंदना श्रीवास्तव, रामदास मिश्रा, मनोज श्रीवास्तव, रेखा शुक्ला, शालिनी शुक्ला, और आसपास के भक्तजन भी एकत्र रहे।