साउथ एशियन लाठी चैंपियनशिप में भाग लेने शहर के 12 खिलाड़ी नेपाल रवाना हुए

Jul 26 2022

ग्वालियर। 12 खिलाडिय़ों ने विभिन्न आयु वर्ग में लाठी की साउथ एशियन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप में स्थान बनाकर नाम रोशन किया है। इनमें 12 साल का रूद्रांश शर्मा भी शामिल है। बेहद सामान्य परिवार से नाता रखने वाले रूद्रांश ने कोई महंगा खेल न चुनते ही चंबल की परम्परा लाठी के खेल को अपनाया। बीते तीन साल से वह लाठी के साथ खेल रहा है। स्टेट और नेशनल लेबल पर गोल्ड लेने के बाद अब उसका चयन इंटरनेशनल चैंपियनशिप के लिए हुआ है। रूद्रांश गत दिवस दल के साथ ग्वालियर से नेपाल के लिए रवाना हो गया है। ग्वालियर से ट्रेन से दिल्ली पहुंचेंगे। वहां से फ्लाइट के जरिए नेपाल जाएंगे।
पड़ोसी देश नेपाल में 27 जुलाई से हो रही दो दिवसीय साउथ एशियन लाठी स्पोर्ट्स चैंपियनशिप के लिए ग्वालियर से 12 खिलाडिय़ों का दल रवाना हो गया है। यह 12 खिलाड़ी विभिन्न आयु वर्ग के लिए चयनित हुए हैं। इस चैंपियनशिप में ग्वालियर के 12 खिलाड़ी विभिन्न आयु वर्ग में अपनी चुनौती पेश करेंगे। दो दिवसीय चैंपियनशिप में शामिल होने से पूर्व इन खिलाडिय़ों को संयुक्त रूप से सम्मानित किया गया।
ग्वालियर से खेलने जाने वाले खिलाडिय़ों में रुद्रांश शर्मा, चित्रांश श्रीवास, आर्यन श्रीवास, अमन शर्मा, कपिल हर्षाना, शिवेंद्र प्रताप सिंह, विकास मांझी, विशाल मांझी, अनुराधा दुबे, महिमा मांझी, राधिका मांझी और कृष्णा शर्मा के नाम शामिल हैं। यह टीम गत दिवस कोच व प्रबंधक करन मांझी के नेतृत्व में ग्वालियर रेलवे स्टेशन से दिल्ली के लिए रवाना हुई है। वहां से यह टीम फ्लाइट के जरिए नेपाल में होने वाली चैंपियनशिप में पहुंच कर हिस्सा लेगी। इस पर ट्रेडिशनल लाठी स्पोटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नितेंद्र चांदिल ने इस चैंपियनशिप में हिस्सा लेने वाले सभी खिलाडिय़ों को श्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया।
जब रूद्रांश के पिता से पूछा कि उनके बेटे ने लाठी चैंपियनशिप ही क्यों चुनी, जबकि आज के दौर में बच्चे क्रिकेट के लिए क्रेजी हैं। इस पर विशाल शर्मा का कहना है कि यह जमीन से जुड़ा खेल है। लाठी चंबल की पहचान रही है। यहां के लठैतों और पहलवानों ने देश में नाम रोशन किए हैं। ऐसे ही उन्होंने एक दिन रूद्रांश को लाठी चलाते देखा। जब उसकी उम्र करीब 7 साल रही होगी। उस दिन उनको लगा कि उसका हाथ लाठी चलाने में अच्छा है। इसके बाद बेटे को प्रोत्साहित किया और वह आगे बढ़ता चला गया।