दूसरे सोमवार को भोलेनाथ की पूजा करने उमड़े श्रद्धालु, अचलेश्वर पर लगी कतार

Jul 25 2022

ग्वालियर। श्रावण मास से दूसरे सोमवार को प्रदोष व्रत होने के कारण इसका महत्व भी और बढ़ जाता है। दूसरे सोमवार को नगर के प्रमुख शिव मंदिर अचलेश्वर, कोटेश्वर, गुप्तेश्वर, भूतेश्वर, व मंगलेश्वर पर शिवभक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। प्रदोषकाल में भगवान भोलेनाथ का अभिषेक व पूजा अर्चना करने के लिए अचलेश्वर महादेव पर श्रद्धालु उमड़ पड़े। लोगों की कतार लग गई। व्यवस्था बनाने के लिए प्रबंधन को प्रयास करने पड़े।
मंदिर प्रबंधन में देवाधिदेव महादेव को जल, बेलपत्र अर्पित करने के लिए आने वाले भक्तों के दर्शनों के लिए इंतजाम किये गये थे। अचलेश्वर मंदिर पर दूसरे सोमवार को पट तड़के तीन बजे से ही खोल दिए गए थे। रात 12 बजे पट बंद होंगें। मंदिर में बैरीकेट्स लगाकर महिलाओं व पुरूषों के भोलेनाथ के दर्शन करने की व्यवस्था की गई थी। गर्भगृह में अफरा-तफरी नहीं मचे। इसके लिए गर्भगृह सेवादारों की तैनाती की गई थी।
25 जुलाई को सोम प्रदोष की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 7 बजकर 17 मिनट से रात 9 बजकर 21 मिनट तक था। सावन का पहला सोमवार प्रदोष व्रत सर्वार्थ सिद्घि योग और अमृत सिद्घि योग में है। ये दोनों ही योग एक ही समय पर बन रहे हैं। 25 जुलाई को सर्वार्थ सिद्घि योग और अमृत सिद्घि योग प्रात 5 बजकर 38 मिनट से शुरु हो रहे हैं और देर रात 1 बजकर 6 मिनट पर समाप्त हो रहे हैं। ऐसे में सुबह सात बजे से लेकर 9 बजे के बीच में मंंदिर में भक्तों की कतार लग गई।
शहर के अन्य मंदिरों पर भी दूसरे सोमवार को रुद्राभिषेक करने के लिए श्रद्धालु उमड़ पड़े। हर मंदिर पर प्रबंधन को भक्तों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष प्रयास करने पड़े।