सुबह से रुक-रुक वर्षा का दौर जारी, लोगों की दिनचर्या हुई प्रभावित

Jul 22 2022

ग्वालियर। शुक्रवार को सुबह से बादल छाए रहे। रुक-रुक कर वर्षा का दौर जारी है। क्योंकि अरब सागर व बंगाल की खाड़ी की नमी संभाग के ऊपर इक_ा हो रही है। पश्चिमी विक्षोभ व मानसून ट्रफ लाइन की वजह से नमी आना शुरू हो गई है। 
गत दिवस शहर में 26.6 मिलीमीटर वर्षा हुई थी, लेकिन भितरवार में बादल ज्यादा मेहरबान रहे। यहां पर 84 मिमी वर्षा हुई। घाटीगांव में बादल रिमझिम वर्षा कर सकते हैं। डबरा में भी 11.4 मिमी वर्षा दर्ज हुई। इस बार बादल भितरवार व डबरा में ज्यादा वर्षा कर रहे हैं। शहर व घाटीगांव में मेहरबानी कम दिखा रहे हैं। हालांकि जिले में हुई वर्षा के कारण औसत 11 फीसद ज्यादा वर्षा हो चुकी है। बादल व वर्षा के कारण शुक्रवार को धूप नहीं निकली, जिसके चलते उमस भरी गर्मी से राहत रही।
मानसून ट्रफ लाइन बंगाल की खाड़ी से हरियाणा के रोहतक होते हुए राजस्थान के गंगानगर तक जा रही है। हरियाणा व झारखंड पर चक्रवातीय घेरा बना हुआ है। हरियाणा में बना चक्रवातीय घेरा पश्चिमी उार प्रदेश की ओर बढ़ सकता है। दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हैं। एक हिमाचल प्रदेश के ऊपर है और दूसरा अफगानिस्तान के ऊपर सक्रिय है। अरब सागर में आफ शोर ट्रफ लाइन बनी हुई है। इससे अरब सागर से भी पर्याप्त नमी आ रही है।
शुक्रवार सुबह से ही आसमान पर छाए बादलों के कारण सूर्यदेव के दर्शन नहीं। एक तरह से लोगों की पूरी की पूरी दिनचर्या प्रभावित हो गई। मौसम सुहाना होने के कारण लोग सुबह देर से जागे और इसके चलते पूरा सिस्टम बिगड़ गया।
पर्यटक स्थलों पर बढ़ी भीड़
दो दिन की झमाझम बारिश के कारण लंबे समय से पिकनिक आदि मनाने के लिए तैयार हो रहे लोगों की बारिश होते ही मानो लाटरी निकल आई और लोगों ने परिवार के साथ पर्यटक स्थलों और चिडिय़ाघर, फूलबाग, किला आदि स्थानों पर घूमने का मन बना लिया। दोपहर के समय शहर के विभिन्न पार्कों में लोगों की अच्छी-खासी आबाजाही देखने को मिली।
गर्मी और उमस से मिली राहत
रुक-रुक कर बारिश का दौर शुक्रवार सुबह से ही जारी रहा जिसके कारण उमस और गर्मी से राहत मिली। लंबे समय से उमस और गर्मी से बेहाल लोगों को दो दिन की झमाझम और आज रुक-रुककर हो रही बारिश एक ओर जहां राहत मिली वहीं विभिन्न मौसमी बीमारियों ने लोगों को ग्रसित कर लिया। इस मौसम के कारण बुखार, उल्टी, दस्त आदि बीमारियों से लोग पीडि़त होकर चिकित्सकों की शरण में पहुंच रहे हैं।