मन नीचता की और पथग्रामी होता है सिर्फ प्रभू शरण ही मन को स्थिर रख सकती है.......

Jul 22 2022

ग्वालियर। माधव बाल निकेतन एवं वृद्ध आश्रम लक्ष्मीगंज में पवित्र सावन के माह में भजन एवं सत्संग का आयोजन पूरे 1 माह चलेगा। इसी के अंतर्गत आज 
श्री 1008 राजयोगी संत श्री सद्गुरू महिपतिनाथ ढोली बुआ महाराज जी ने तीसरे दिन गुरुवार को बताया कि मन मरता नहीं है रमता है उसे राम में रमाना चाहिए । 
 माधव बाल निकेतन एवं वृद्ध आश्रम के चेयरमैन नूतन श्रीवास्तव ने बताया कि यह सत्संग एवं भजन वृद्ध माता-पिता ओं के लिए भगवान में कैसे मन लगे अपना बकाया जीवन कैसे हरि चरणों में व्यतीत करें इसके लिए है आयोजन किया गया है आज गुरुवार को भी सत्संग  श्री 1008 राजयोगी संत श्री सद्गुरू महिपतिनाथ ढोली बुआ महाराज जी द्वारा किया गया। इस अवसर पर वृद्ध माता-पिताओं ने पूरे मनोयोग से सत्संग का आनंद लिया। सबसे पहले आश्रम में स्थित माता के मंदिर का पूजन किया गया। माता को माला पहनाकर भोग लगाया गया। तत्पश्चात सत्संग करने आए माननीय श्री सद्गुरू महिपतिनाथ ढोली बुआ महाराज जी का सम्मान किया। इसके बाद सत्संग में उन्होंने बताया कि स्वयं को मरने का अनुभव सिर्फ सपने में हो सकता है। व्यक्ति यथार्थ में मर कर उसका अनुभव नहीं कर सकता।मन की ऐसी शक्ति है कि सारे अनुभव उसी के द्वारा किए जा सकते है। गुरु चरणों में स्वयं को समर्पित कर दो। गुरु आपके दोषों को दूर करकर आपके मन को नियंत्रित करने के लिए आपको दिशा दिखाएंगें। इंद्रियों से मन विचलित होता है और इंद्रियों से ही मन स्थिर होता है।
इसके साथ ही कृष्ण लीलाओं का वर्णन एवं राम शबरी के वर्णन ने मौजूद श्रृदालुओं को मंत्र मुग्ध कर दिया। इस अवसर पर माधव बाल निकेतन एवं वृद्ध आश्रम के अध्यक्ष पवन भटनागर, चेयरमैन नूतन श्रीवास्तव सचिव श्याम श्रीवास्तव संस्था अधीक्षिका श्रीमती सीमा सक्सेना,बाल संत राधा कृष्ण दास जी महाराज, गौरव श्रीवास्तव, सोनू कटारे, राम दास मिश्रा जी, मनोज श्रीवास्तव,रेखा शुक्ला,शालिनी शुक्ला, और हमारे आसपास के भक्तजन भी एकत्र  रहे।