पसीने से तरबतर होकर आ रहे कांवडिय़े

Jul 21 2022

ग्वालियर। भोले की भक्ति में शक्ति के सहारे भक्तगण हरिद्वार से गंगा नदी से पवित्र जल लेकर नंगे पैर चल रहे हैं। कांवड़ लेकर बड़ी संख्या में भक्तों के जत्थे शिव मंदिरों में पहुंच रहे हैं। सावन का पहला सोमवार तो पसीने से तरबतर होकर निकल गया लेकिन 25 जुलाई को भोले के भक्त झमाझम बारिश की आस लगाए हैं।
सावन के महीने में बड़ी संख्या में शिवभक्त हरिद्वार से गंगा नदी से पवित्र जल लाकर भोलेनाथ को अर्पित करते हैं। पांच सौ किलोमीटर से ज्यादा का वे पैदल सफर कर रहे हैं। मौसम इस समय काफी उमस भरा है फिर भी भक्तों की भक्ति पर असर नहीं है। वे टोलियों के रूप में बम-बम भोले के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते देखे जा सकते हैं। 
सावन के महीने में इस बार भोलेनाथ के भक्तों की संख्या बढ़ी है। शहर के अचलेश्वर, कोटेश्वर, गुप्तेश्वर मंदिरों पर सुबह से ही महिला, पुरुष के साथ बच्चों की भीड़ देखी जा सकती है। कोई जल तो कोई फल लेकर मंदिर पहुंचता है। कोई दूध से तो कोई जल से अभिषेक करते देखा जा सकता है। सावन का तीसरा सोमवार 1 अगस्त और चौथा व अंतिम सोमवार 8 अगस्त को है।