दोपहर में उमस भरी गर्मी, शाम को झमाझम वर्षा से मौसम बदला,कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बनी

Jul 20 2022

ग्वालियर। ग्वालियर में मानसून आने की घोषणा तो हो गई है, लेकिन मानसून की तेज वर्षा से अब भी शहरवासी वंचित हैं। बुधवार सुबह से उमस भरी गर्मी ने शहरवासियों को बेहाल कर रखा था। हालांकि शाम को झमाझम वर्षा होने के बाद लोगों के मायूस चेहरे खिल उठे। लोगों ने वर्षा में भीगकर जमकर आनंद लिया। खास बात यह है कि कुछ समय हुई वर्षा के बाद ही शहर में कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई।
बंगाल की खाड़ी से आने वालेे कम दबाव का क्षेत्र पूर्व, दक्षिण व पश्चिम मध्य प्रदेश होते हुए गुजरात की ओर जा रहे हैं। इन सिस्टम के ग्वालियर-चंबल संभाग उत्तर में आ रहा है। इस कारण शाम को अच्छी वर्षा हुई है। अब तक जितनी भी वर्षा हुई है, वह स्थानीय प्रभाव से हुई है। इस कारण सावन जैसा अहसास नहीं हो रहा था। गर्मी बेहाल कर रही थी। गर्मी के कारण न दिन को चैन है और न रात को। 
उमस के कारण लोग पसीने से तरबतर होते रहे हैं। शहर अच्छी वर्षा के इंतजार में था, इसी बीच बुधवार शाम को हुई झमाझम वर्षा ने लोगों को राहत दे दी। मंगलवार को अधिकतम तापमान 38.7 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जो सामान्य से 3.8 डिसे अधिक रहा। बुधवार को दिनभर लोग पसीने से तरबतर होते रहे। उमस भरी गर्मी के सामने कूलर की हवा फेल हो गई थी, एसी में ही चैन मिल रहा था। मौसम विभाग के अनुसार गुना-कोटा के बीच बना चक्रवातीय घेरा उत्तर की ओर बढ़ रहा है। हांलाकि इस घेरे के आगे बढऩे की गति धीमी है, लेकिन मौसम विभाग ने 40 मिली मीटर तक वर्षा के आसार जताए थे।
मानसून ट्रफ लाइन पर बने दो चक्रवातीय घेरे
दक्षिण झारखंड व गुना-कोटा के बीच चक्रवातीय घेरा बना हुआ है। मानसून ट्रफ लाइन बीकानेर, जयपुर, गुना, सतना होते हुए पूर्वोत्तर बंगाल की खाड़ी तक विस्तृत है। ट्रफ लाइन के कारण बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है। अरब सागर में आफ शोर ट्रफ बनी हुई है। अरब सागर की ओर से भी नमी आ रही है। नमी का आना जारी है। यदि गुना-कोटा के बीच बना चक्रवातीय घेरा ग्वालियर-चबंल के ऊपर आने से बुधवार को अच्छी वर्षा हुई है। चक्रवातीय घेरा नमी को ऊपर उठाता है, जिसकी वजह से अच्छी वर्षा के आसार रहते हैं।