बारिश कम और पसीना ज्यादा

Jul 18 2022

ग्वालियर। आज से सावन का महीना शुरु हो गया है,जहां सावन के महीनें में मानसूनी बारिश की झड़ी लगने से चारों और हरियाली की चादर देखने को मिलती है वहीं आसमान से बारिश के पानी की झड़ी लग जाती है। लेकिन इस साल मौसम का मिजाज कुछ अलग ही है। इस साल आसमान से नहीं बल्कि सावन के मौसम में शरीर से उमस भरी गर्मी के कारण दिन भी शरीर से पसीने की धार बह रही है। अब तो अंचलवासियों की जवान पर एक ही सवाल है कि मानसूनी बारिश अंचल में कब होगी, और इस उमसभरी गर्मी से कब राहत मिलेगी। बीते रोज रविवार को भी बीते दो दिनों की तरह ही अंचल में दिनभर धूप खिली रही और शाम होते ही आसमान पर काले बादल गहरा गए। बिजली की चमक और मेघों की गर्जना के बाद आसमान से गिनती की गिरी बारिश की बूंदों के बाद घरों में घु़सी उमस रात भर गर्मी से बेहाल करती रही।
मौसम विभाग का कहना है कि अंचल में दक्षिणी मानसून तेजी से अंचल की ओर बढ़ रहा है। जिसके चलते दो दिन बाद अंचल में भी मानसूनी झमाझम देखने को मिल सकेंगी।
मौसम वैज्ञानिक सीके उपाध्याय ने बताया कि वर्तमान में ओडिशा तट के पास निम्न दाब क्षेत्र के रुप में एक चक्रवात सक्रिय है, जबकि पूर्वोत्तर अरब सागर के ऊपर भी एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय होने के साथ ही मानसून ट्रफ निम्न दाब क्षेत्र के साथ ही पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक सक्रिय है और उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ दक्षिण गुजरात के रास्ते आगामी अड़तालीस घंटों के दौरान अंचल में प्रवेश करेगा।