ग्वालियर में आसमान साफ, सुबह से निकली तेज धूप

Jul 15 2022

ग्वालियर। सावन के दूसरे दिन शुक्रवार को तेज धूप निकली है। इससे सुबह से गर्मी ने रफ्तार पकड़ ली। चैत्र जैसा अहसास हो रहा है। उमस भरी गर्मी भी बेहाल कर रही है। दोपहर में गर्मी और बढ़ जाएगी। अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हो सकता है। अच्छी वर्षा की शुरुआत 18 जुलाई से संभावित है। उड़ीसा के दक्षिणी हिस्से पर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। यह सिस्टम पूर्वी, दक्षिणी, मध्य व पश्चिमी हिस्सों में वर्षा कर रहा है। मानसून ट्रफ लाइन भी गुना के पास से होते हुए गुजर रही है। इस कारण नमी कम आ रही है। ग्वालियर के मौसम को यह सिस्टम प्रभावित नहीं कर पा रहा हैं। इस कारण सावन का पहला दिन सूखा बीत गया। गर्मी का सामना करना पड़ा। शुक्रवार सुबह से ही सूरज की तल्खी बढ़ी हुई थी। दोपहर में गर्मी ने बेहाल कर दिया। अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर पहुंचने से गर्मी का अहसास भी अधिक रहा। भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
वैसे मानसून सीजन के दौरान पश्चिमी विक्षोभ नहीं आते हैं, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ भी आ रहा है। यह पश्चिमी विक्षोभ अफगानिस्तान के ऊपर है। 48 घंटे में यह जमू कश्मीर पहुंच सकता है, जिससे मानसून वर्षा प्रभावित होगी। इससे हवा का रुख बदल सकता है। मानसून ट्रफ लाइन जैसलमेर, कोटा, गुना, सागर, जबलपुर पेंड्रा रोड होते हुए गुजर रही है। ग्वालियर मानसून ट्रफ लाइन के उार में स्थित है। बंगाल की खाड़ी में नया कम दबाव का क्षेत्र बनने पर ही वर्षा के आसार हैं। अगले हते यह संभावना दिख रही है। अरब सागर में भी कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है। पश्चिमी विक्षोभ, अरब सागर के सिस्टम सहित मानसून ट्रफ लाइन के चलते वर्षा के आसार बनेंगे।
बिजली कटौती ने किया बेहाल
 शहर में सावन मास प्रारंभ होने के बाद भी लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलती नजर नहीं आ रही ऊपर से रही बची कसर बिजली कटौती पूरी कर रही है। जिस समय लोगों को बिजली की सख्त जरूरत है उस समय पर बिजली की घंटों कटौती लोगों के लिए सिरदर्द बनी हुई है और इस कारण लोगों में भारी आक्रोश का माहौल व्याप्त है।  लोगों को चार से पांच घंटे तक बिजली की कटौती का सामना करना पड़ रहा है।