सोमवार देर रात हुई थोड़ी सी बारिश से सड़कों पर जलभराव

Jul 12 2022

ग्वालियर। सोमवार देर रात के वक्त हुई बारिश से सड़कों पर कई जगह जल भराव की स्थितियां बन गईं। नदी गेट पुल के पास तो डेढ़ से दो फीट तक पानी आ गया। यहां से दो पहिया वाहन (मोटर साइकिल) के चक्के आधे से ज्यादा डूबे नजर आए। स्टेशन बजरिया, रामदास घाटी रेल क्रासिंग, रेलवे स्टेशन, पड़ाव स्थित आरओबी के दोनों तरफ, एजी पुल के नीचे जल भराव हुआ।
सोमवार की शाम को हुई 17.8 मिमी बारिश ने ही शहर में जगह-जगह जलजाम की स्थिति पैदा कर दी। नदीगेट, पड़ाव, स्टेशन बजरिया सहित कई स्थानों पर जल भराव होने से लोग परेशान हुए। सोमवार को अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री व न्यूनतम तापमान 26.9 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं सोमवार शाम को हुई तेज बारिश की वजह से 11 केवी विद्युत लाइन के 4 फीडर फॉल्ट हुए। इसमें हाईकोर्ट फीडर, घासमंडी फीडर, करौली माता मंदिर फीडर और वैष्णो पुरम फीडर फॉल्ट हुए।
बारिश का मौसम शुरू होते ही बरसाती कीड़े भी सक्रिय हो गए हैं। इनके कारण ब्लिस्टर बीटल के मरीजों की संख्या ओपीडी में बढ़ गई है। जयारोग्य चिकित्सालय के स्किन विभाग में आने वाले मरीजों में करीब 15 फीसदी मरीज ब्लिस्टर बीटल के ही हैं। इसके अलावा फंगल इंफेक्शन के भी मरीज काफी आ रहे हैं।
सोमवार की स्किन विभाग की ओपीडी की बात की जाए तो विभागाध्यक्ष डॉ. अनुभव गर्ग ने 414 मरीज स्किन की बीमारी के देखे। डॉ. गर्ग का कहना है कि ओपीडी में ब्लिस्टर बीटल के कई मरीज आ रहे हैं। अगर आपके शरीर पर लाल चकत्ते या छाले हो गए हैं, तो इसे हरपीस न समझें।
यह लक्षण ब्लिस्टर बीटल डर्मेटाइटिस के हैं। समय रहते इलाज नहीं किया जाए, तो चमड़ी खराब होने के साथ ही काले निशान पड़ सकते हैं। यह बीमारी बारिश में होने वाले कीड़े ब्लिस्टर बीटल को मसलने से होती है। बारिश में बरसाती कीड़ा ब्लिस्टर बीटल चमड़ी पर बैठ जाता है। लोग इसे मसल देते हैं। कीड़े के मसले जाने से एक प्रकार पानी निकलता है, जिससे त्वचा पर छाले व लाल चकत्ते पड़ जाते हैं।
जलन और खुजली होने लगती है और सूजन आ जाती है। स्किन रोग विशेषज्ञ डॉ. कमल भदौरिया का कहना है कि छालों को लोग हरपीस समझ लेते हैं और इलाज करने लगते हैं, जबकि हरपीस बीमारी वायरस से होती है। जब शरीर पर लाल चकत्ते, छाले हो जाएं, तो स्किन रोग विशेषज्ञ को दिखाएं।