घबराहट और पेट रोग से पीडि़त मरीजों की संख्या बढ़ी

Jul 09 2022

ग्वालियर। झमाझम बारिश का इंतजार कर रहे शहरवासी लंबे समय से उमस और तपिश की मार झेल रहे हैं। हाजमा बिगड़ा है तो बेचैनी और घबराहट से दिन का चैन और रात की नींद उड़ी है। बच्चों में पेट दर्द, युवाओं में चिड़चिड़ापन तो बुजुर्गों में घबराहट की शिकायत बढ़ी है। जयारोग्य सहित अन्य सरकारी अस्पतालों में लंबी कतारे लगी हैं। चाइल्ड स्पेशलिस्ट, मेडिसिन व गेस्ट्रो इन्ट्रोलॉजिस्ट के ?लीनिक पर भीड़ है। बचाव ही इसका उपाय है इसलिए विशेषज्ञों ने कई सुझाव दिये हैं।
लंबे समय तक पारा सामान्य से अधिक होने से मानसिक स्थिति बिगड़ती है। बेचैनी, घबराहट और चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है। मौसम पर नजर डालें तो लंबे समय से पारा सामान्य से ऊपर बना हुआ है। बीच-बीच में कुछ पलों की बारिश से उमस बढ़ रही है। रात में सोना मुश्किल हो रहा है। इसलिए बच्चों को राहत है न बुजुर्गों को सुकून।
बारिश में सबसे ज्यादा पेट रोग होता है। गंदा पानी और तली चीजें पेट में इन्फेक्शन कर देती हैं। आपने यदि बाजार का तला खाद्य पदार्थ खाया और पानी को उबालकर या आरओ का नहीं लिया तो पेट में इन्फेक्शन हो सकता है। रूक-रुक कर हुई बारिश से ऐसे मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है। इसमें बच्चों को ज्यादा समस्या है।
मौसम विभाग के अनुसार अभी झमाझम की कोई आस नहीं है। न्यूनतम तापमान 28.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 1.4 डिग्री अधिक रहा। आद्र्रता भी 71 प्रतिशत रही जो सामान्य से 3 प्रतिशत अधिक है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार 12 जुलाई को बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने के आसार हैं। उसके बाद ही झमाझम की आस है।