भड़ैया नवमी पर अबूझ मुहूर्त में हुए विवाह, देवशयनी एकादशी 10 को

Jul 08 2022

ग्वालियर। गुप्त नवरात्रि के आखिरी दिन शुक्रवार 8 जुलाई को देवी के मंदिरों में भीड़ रही। कई श्रद्धालुओं ने नौ दिन तक व्रत रख धन समृद्धि और बेहतर स्वास्थ्य की कामना की। 
शुक्रवार को भड़ैया नवमी होने से विवाह का अबूझ मुहूर्त था। इसलिए इस सीजन में शुक्रवार को आखिरी शहनाई गूंज रही हैं। सुबह से ही बारातों को निकलना शुरू हो गया था। दिनभर में विवाह के रीति रिवाज होते रहे। Óयोतिषाचार्य सतीश सोनी ने बताया कि अबूझ मुहूर्त में विवाह, गृह प्रवेश जैसे शुभ मांगलिक कार्य बिना मुहूर्त पूछे ही किया जाना शा संमत माना जाता है। जिन जातकों की लग्न पत्रिका में विवाह शोधन में त्रिबल प्राप्त नहीं होता है या गुरु तथा शुक्र तारा अस्त होते हैं फिर भी विवाह जैसे मांगलिक कार्य शुभ होते हैं। 
भड़ैंया नवमीं के तीसरे दिन 10 जुलाई को देवशयनी एकादशी व्रत के साथ ही चातुर्मास भी शुरू हो जाएंगे। देवशयनी एकादशी के दिन से ही भगवान विष्णु चार माह की गहन निद्रा में चले जाएंगे। इसके चलते आगामी चार माह तक बैंड, बाजा और बारात पर विराम लग जाएगा। इन चार माह में शुभ मांगलिक कार्य नहीं होंगे।