प्लास्टिक पर प्रतिबंध तो कागज, गन्ने व मक्के के उत्पाद बाजार में आए

Jul 08 2022

ग्वालियर। सिंगल यूज प्लास्टिक (एसयूपी) पर प्रतिबंध का असर शहर में दिखने लगा है। गोदामों में प्लास्टिक से बने उत्पादों का भंडारण खत्म होने के बाद बाजारों में कागज व लकड़ी से बने उत्पाद नजर आने लगे हैं। गन्ने व मक्के के बचे अवशेष से निर्मित कटोरी-प्लेट दुकानों पर मिलने लगी हैं। मोटे कागज के गिलास, कटोरी सहित लकड़ी व पत्तों से बने उत्पाद बाजार में आ गए हैं। इधर डेयरी संचालक एवं ठेला दुकानदार भी ग्राहकों को टोकने लगे हैं कि थैला घर से लेकर आएं। एक जुलाई से पूरे देश में इसे प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस प्रतिबंध के एक सप्ताह बाद नईदुनिया ने बाजार में इसकी उपलब्धता व उपयोग की स्थिति को जाना।
महाराज बाड़ा स्थित विक्टोरिया मार्केट में डिस्पोजेबल क्राकरी की दुकान पर सिंगल यूज प्लास्टिक के सभी उत्पाद दुकान से गायब थे। दुकान संचालक ने बताया कि प्रतिबंधित के बाद प्लास्टिक के उत्पादों को दुकान से हटा दिया है। मक्के के बचे अवशेष से बनी कटोरी व गिलास के साथ ही चाकू, कांटे और चम्मच भी प्लास्टिक की बजाय पर लकड़ी के आ चुके हैं। कागज के कप, प्लेट, गिलास भी बिक रहे हैं। प्लास्टिक के प्रतिबंध से पहले भी गन्ने व मक्का से निर्मित प्लेट, कटोरी आदि उत्पाद मौजूद थे, लेकिन इनकी ज्यादा मांग नहीं थी।
गन्ने के उत्पादों से बनी एक प्लेट पांच रुपये की पड़ रही है, जबकि थार्माकोल की एक रुपये की पड़ती थी। कटोरी दो रुपये की पड़ रही है। वहीं जूस के ठेलों पर कागज के गिलास नजर आए। इससे पहले ठेलों पर प्लास्टिक के गिलास मिलते थे।
शहर में जिन कारोबारियों के पास सिंगल यूज प्लास्टिक के उत्पादों का सामान बचा है वह अब छुपके से इन्हें बेच रहे हैं । हालांकि इन दुकानदारों ने कागज, गन्ने व मक्के से बने उत्पादों के भी बिक्री के लिए दुकान पर रखा है।