नगरीय निकाय चुनाव के पहले चरण का बुधवार सुबह 7 बजे से उत्साह के साथ शुरू हुआ मतदान

Jul 06 2022

ग्वालियर। ग्वालियर में नगरीय निकाय चुनाव के पहले चरण का मतदान बुधवार सुबह 7 बजे से उत्साह के साथ शुरू हुआ। करीब 8 साल बाद हो रहे नगर निगम ग्वालियर के चुनाव को लेकर मतदाताओं में काफी उत्साह नजर आ रहा है। बुधवार सुबह 7 बजते ही मतदान केन्द्र पर ईबीएम (इलेक्ट्रोनिक्स वोटिंग मशीन) की बीप की आवाज आना शुरू हो गई  थी। ग्वालियर नगर निगम के अलावा बुधवार को नगर पालिका डबरा, नगर परिषद भितरवार, मोहना, आंतरी, बिलौआ, पिछोर के लिए मतदान हुआ। लेकिन सुबह 8.30 बजे 34 डिग्री सेल्सियस तापमान होने के चलते लोगों की संख्या बहुत कम है। सुबह-सुबह कई पोलिंग बूथ से ईबीएम में गड़बड़ी या नहीं चलने की खबरें मिलीं। 
नगर निगम चुनाव के लिए सुबह सात बजे उमस भरी गर्मी के बीच उत्साह के साथ मतदान शुरू हुआ। अवाड़पुरा में शासकीय हाई स्कूल और पिछडी बस्तियों में गोल पहाडिया तथा उपनगर ग्वालियर में भी कई मतदान केन्द्रों पर सुबह से ही लाइनें लगना शुरू हो गई थीं। वहीं दूसरी ओर पॉश इलाकों में हाईकोर्ट के पास कंप्यूटर विज्ञान भवन में बनाए गए मतदान केन्द्र पर एक-दो लोग ही पहुंच रहे थे।
शांतिपूर्ण मतदान के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा, संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केन्द्रों पर पुलिस ने दूर-दूर तक कार्यकर्ताओं को एकत्रित नहीं होने दिया। जहां से भी इवीएम को लेकर कोई शिकायत आती थी वहां तत्काल ही टीम भेजी जा रही थी और समस्या का निराकरण किया गया। मतदान केन्द्रों पर मतदान दल एक दिन पहले ही पहुंच गए थे, इन दलों ने मतदान शुरू होने से पहले तक सारी तैयारियां पूरी कर ली थी। मतदान केन्द्र के बाहर 100 मीटर की दूरी पर दोनों ही प्रमुख दलों के अलावा निर्दलीय प्रत्याशियों द्वारा मतदाताओं को जानकारी देने के लिए लगाई गई टेबलों पर भी अच्छी खासी भीड़ रही। अधिकारी मतदान केन्द्रों पर लगातार निरीक्षण के लिए पहुंच रहे थे। मतदान केन्द्रों पर जैसे-जैसे समय आगे बढ़ रहा था मतदाताओं की संख्या भी बढ़ रही थी। 
 नगर निगम ग्वालियर में 66 वार्ड हैं तो डबरा नगर पालिका में 30 और अन्य पांच नगर परिषद में 75 वार्ड हैं। जिनके प्रत्याशियों की जीत-हार का फैसला जिले के 12 लाख 34 हजार 832 मतदाता करेंगे। खास बात यह है कि इनमें से 5 लाख 82 हजार 81 वोट महिला शक्ति के हैं। मतलब साफ है कि आधी आबादी ही प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला करेगी।
निर्दलीय प्रत्याशी भी रहे सक्रिय
चुनाव में भाग्य आजमा रहे निर्दलीय प्रत्याशी भी मैदान में डटे रहे। उनके समर्थक मतदान केन्द्रों पर नजर बनाए हुए थे कि कहीं दोनों प्रमुख दलों के नेता मतदाताओं पर कोई दबाव तो नहीं डाल रहे हैं। 
सोशल मीडिया पर रहा जोर
भाजपा और कांग्रेस ने इस बार चुनाव में सोशल मीडिया को अपने प्रचार का प्रमुख जरिया बनाया। इसके लिए दोनों ही दलों ने राजनीतिक योद्धाओं के साथ साइबर योद्धा भी मैदान में उतारे। भाजपा ने बूथ लेबल तक कार्यकर्ताओं को इसके लिए लगाया तो कांग्रेस भी इससे पीछे नहीं रही। चुनाव परिणाम बताएंगे कि दोनों दलों में से किसकी रणनीति कामयाब रही। राजनीतिक योद्धाओं का जहां तक सवाल है तो भाजपा को सत्ताधारी दल होने से नेताओं की कमी नहीं रही, जबकि कांग्रेस नेताओं के संकट से जूझती रही। प्रत्याशियों को स्वयं ही ताकत लगानी पड़ी। 
सामान्य मतदान के बीच हल्की झड़प
महापौर व पार्षदों के लिए बुधवार को हो रहे मतदान में ग्वालियर विधान सभा के 19 वार्डो में मतदान शुरू हुआ। सुबह सात बजे से ही इन मतदान केन्द्रों पर सामान्य मतदान चला। अधिकतर मतदान केन्द्रों पर कुछ ही मतदाता मतदान करते नजर आए। हालांकि कुछ मतदान केन्द्रों पर अच्छी भीड़ नजर आ रही थी तो कहीं पर इक्कादुक्का ही मतदान करते लोग नजर आ रहे थे। कहीं-कहीं पार्षद प्रत्याशियों में हल्की तकरार देखने मिली, लेकिन पुलिस और प्रशासन द्वारा हस्तक्षेप से मामला शांत हो गया। दस बजे के बाद इन क्षेत्रों में मतदान को गति मिली और लाइने नजर आने लगी। 
उत्साह, बस्तियों में लंबी लाइनें
दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में 20 मतदान को लेकर मतदाताओं में अधिक उत्साह रहा। पॉश क्षेत्रों में हालांकि मतदाता बहुत कम निकले लेकिन पिछड़े क्षेत्रों में सुबह से ही लंबी लाइनें लग गईं। जीवाजीगंज, गोल पहाडिय़ा, छत्री बाजार, आपागंज, हैदरगंज, सिकन्दर कंपू, गुढ़ा, आर्मी बजरिया, कंपू के मतदान केन्द्रों पर भीड़ के नजारे देखे गये। दूसरी ओर इसी विधानसभा क्षेत्र के सराफा बाजार, महाराज बाड़ा, डीडवाना ओली, दौलतगंज, फालका बाजार जैसे पॉश माने जाने वाले क्षेत्रों के मतदान केन्द्रों पर दोपहर 12 बजे तक एक-एक कर वोटर पहुंच रहे थे। मतदाताओं की सुविधा के लिये लगाए गए काउंटर भी सूने पड़े रहे। एएससपी अमित सांघी व निर्वाचन के अधिकारी, सेक्टर मजिस्ट्रेट सहित अन्य अमला सत्त निगरानी के लिए भ्रमण करता रहा। दोपहर तक किसी केन्द्र पर गड़बड़ी की शिकायत नहीं पहुंची। छत्री बाजार मतदान केन्द्र पर सीनियर सीटिजन को बैठने कुर्सियां नहीं मिलीं। सराफा बाजार में काउंटर सूने रहे। पंखा न होने से मतदान केन्द्र के कर्मचारी पसीने तरबतर होते रहे। पीने को पानी भी नहीं मिला। वार्ड 54 के शिवाजी भवन मतदान केन्द्र पर सुबह लगातार दो मशीनें खराब रही।
महापौर पद के लिए त्रिकोणीय मुकाबला
ग्वालियर नगर निगम के लिए 8 साल बाद चुनाव हो रहे हैं, यही कारण है कि लोगों में चुनाव को लेकर उत्साह है। ग्वालियर में महापौर पद के लिए भाजपा से सुमन यशवीर शर्मा, कांग्रेस से डॉ. शोभा सतीश सिकरवार, आम आदमी पार्टी से रूचि गुप्ता मैदान में हैं। तीनों के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। ग्वालियर के लोगों को नगर सरकार चुनने के लिए इन तीनों में से किसी एक को चुनना है। इस बार महापौर पद अनारक्षित महिला के लिए सुरक्षित है। इसके साथ ही 66 वार्ड के प्रत्याशियों का भविष्य भी दांव पर लगा है। इस बार भाजपा और कांग्रेस के कई बागी नेता मैदान में हैं। जिससे कई वार्ड में मुकाबला काफी रोचक होने जा रहा है।
जोरदार बरसात ने मतदान में डाला व्यवधान 1 बजे तक 31 प्रतिशत ही वोट पड़े
जोरदार बारिश ने उमस और गर्मी से परेशान शहरवासियों को थोड़ी राहत जरूर दी है लेकिन इस बारिश ने पहले से ही सुस्त मतदान को और अधिक प्रभावित कर दिया है। सुबह से ही मतदान का प्रतिशत कम होने के कारण प्रत्याशियों की चिंता बढ़ गई थी रही बची कसर बारिश ने पूरी कर दी। प्रत्याशियों को उम्मीद थी कि दोपहर में मतदान का प्रतिशत बढ़ेगा लेकिन दोपहर डेढ़ बजे के आसपास अचानक से आसमान पर बादल छाए और जमकर बरस पड़े।
मौसम के बदले मिजाज ने फिलहाल मतदान के लिए घर से निकलने वालों का मिजाज जरूर बदल दिया है। सुबह तेज उमस और तीखी धूप के कारण मतदाता उतनी संख्या में वोट डालने नहीं निकले जितनी की उम्मीद लगाई जा रही थी।
दोपहर 1 बजे तक  मतदान प्रतिशत ने बमुश्किल 31 प्रतिशत का ही आंकड़ा छुआ था कि तभी आकाश में काली घटाएं घिर आईं और झमाझम शुरूहो गई। इसने फिलहाल तो मतदान को बुरी तरह से प्रभावित किया है। जिससे मतदान केन्द्रों पर मतदाताओं की रफ्तार बिल्कुल धीमी हो गई और मतदान केन्द्रों पर अधिकारी-कर्मचारी मतदाताओं का इंतजार करते नजर आए। बरसात थमने पर वोटर एकबार पुन: मतदान के लिए बाहर आये। 
100 मीटर के दायरे में आना प्रतिबंधित
पुलिस ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डबरा, आंतरी, बिलौआ, भितरवार, पिछोर, मोहना सहित सभी मतदान केन्द्र पर 100 मीटर का दायरा बनाया है। इस 100 मीटर के दायरे में न तो कोई वाहन रखा जा सकेगा न ही मतदाता के अलावा किसी अन्य व्यक्ति को प्रवेश दिया जाएगा। जिले में 1421 मतदान केन्द्र, 129 अतिसंवेदनशील
ग्वालियर में नगरीय निकाय चुनाव के लिए पुलिस जमीन से लेकर आसमान तक निगरानी कर रही है। एसटीएफ (स्पेशल टॉस्क फोर्स) की कंपनी और एसएएफ की कंपनियों सहित जिले का बल ने मोर्चा संभाला हुआ था। ग्वालियर में 1421 मतदान केन्द्र बनाए गए हैं। इनमें से 405 संवेदनशील तो 129 अतिसंवेदनशील मतदान केन्द्र हैं। बुधवार को सभी जगह मतदान शुरू हो चुका है और पुलिस आसमान में जहां ड्रॉन से अतिसंवेदनशील मतदान केन्द्र के ऊपर निगरानी की। 166 पुलिस मोबाइल भी मोर्चा संभाले हुए हैं।
चार हजार जवान सुरक्षा में तैनात
नगरीय निकाय चुनाव के लिए कुल चार हजार के करीब पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।। जिसमें 2200 पुलिस जवान व 1800 के करीब विशेष पुलिस अधिकारी-जवान तैनात किए गए हैं। इसके साथ ही पुलिस कप्तान सहित एक दर्जन से ज्यादा राजपत्रित अफसर भी मोबाइल के साथ हैं और जगह-जगह पर पहरा दे रहे हैं।
आसमान में तीन ड्रोनों ने संभाला मोर्चा
नगरीय निकाय चुनाव में किसी तरह की गड़बड़ी ना हो इसके लिए हजीरा, लश्कर और मुरार में ड्रोन तैनात रहे, जो सुबह से ही आसमान से निगरानी कर रहे थे। किसी भी गड़बड़ी होने पर पुलिस कंट्रोल रूम में रिजर्व रखे गए 250 जवानों व अफसरों की मदद से गड़बड़ी रोकी जाएगी। वहीं दस निरीक्षक अलग से लगाए गए है, जो संवेदनशील मतदान केन्दों की निगरानी करेंगे।
17 जुलाई को आएगा परिणाम
प्रथम चरण के नतीजे 17 जुलाई को मतगणना के बाद घोषित किए जाएंगे। तब तक मतपेटियों को स्ट्रांग रूम में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा जाएगा। ग्वालियर में प्रथम चरण में चुनाव हो रहे हैं। चुनाव का दूसरा चरण 13 जुलाई को होना है।