संकल्प पत्र जारी हुआ तो सामने आया भाजपाईयों का आक्रोश- पूर्व सांसद अनूप मिश्रा बुलाने पर भी मंच पर नहीं बैठे

Jul 02 2022

ग्वालियर। भाजपा नेताओं के बीच खदबदा रहा आक्रोश शनिवार को खुलकर सामने आ गया। नगरीय निकाय चुनाव के लिये स्थानीय संकल्प पत्र जारी करने के कार्यक्रम में पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा ने नाराजगी का सामना संगठन के नेताओं को करना पड़ा। संकल्प पत्र जारी करने के लिए भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को मंच पर बुलाया जा रहा था। अनूप मिश्रा को मंच पर आमंत्रित किये जाने पर उन्होंने साफतौर पर कहा कि मैं मंच पर नहीं आऊंगा। कुछ वरिष्ठ नेताओं के उन्हें मनाने का प्रयास करने पर उनका कहना था कि मुझे मालूम हैं कि अब मेरी जगह कहां हैं और मैं उचित स्थान पर बैठा हूं। अब अगर किसी ने इससे आगे कुछ कहा तो यहां से चला जाऊंगा। कुछ क्षणों के लिए मंच पर बैठे नेता सन्न रह गये। पूर्व महापौर समीक्षा गुप्ता ने अनूप मिश्रा को अपनी कुर्सी देने का आग्रह किया। उसे भी अनूप मिश्रा ने ठुकरा दिया। संकल्प पत्र सिटी सेंटर में स्थित एक होटल में जारी हुआ।
संकल्प पत्र जारी करने के लिए शनिवार को दोपहर 12 बजे का समय निर्धारित किया गया था। संकल्प-पत्र जारी करने के समारोह में वरिष्ठजनों को आमंत्रित कर लिया गया। मंच पर उतनी कुर्सी की व्यवस्था थी नहीं। मंच पर कुर्सी पर बढ़ाने व किन-किन लोगों को मंच पर स्थान देना है, यह तय करने में पौन घंटे का समय लग गया। मंच पर लगी कुर्सियों की संख्या बढ़ाई गईं। इसके बाद सभी वरिष्ठ नेताओं को मंच पर स्थान मिल जाए, इतना मंच पर स्थान नहीं था। पूर्व साडा अध्यक्ष जय सिंह कुशवाह, राकेश जादौन, बीज निगम के पूर्व अध्यक्ष महेंद्र सिंह यादव व पूर्व ग्वालियर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष अभय चौधरी सहित कई प्रमुख नेताओं को मंच पर स्थान नहीं मिला।
मंच पर सबसे पहले महापौर प्रत्याशी, उसके बाद सांसद विवेक नारायण शेजवलकर को बुलाया गया। जिलाध्यक्ष कमल माखीजानी पहले से मंच पर थे। इसके बाद ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, पूर्व मंत्री माया सिंह, पूर्व महापौर समीक्षा गुप्ता, प्रदेश मंत्री मदन कुशवाह व प्रदेश कार्यसमिति सदस्य व पूर्व विधायक रमेश अग्रवाल का नाम मंच पर आसीन होने के लिए पुकारा गया। मंच संचालन कर रहे जवाहर प्रजापति ने इसी बीच पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा से भी मंच पर आने का आग्रह किया। अनूप मिश्रा इस पर गुस्से से तमतमा गये। और उन्होंने मंच पर जाने से साफ इंकार कर दिया। जयप्रकाश राजौरिया सहित कुछ नेता उन्हें मनाने के लिए उनके पास पहुंचे। उनका कहना था कि अब कोई कुछ नहीं कहेगा, मुझे मालूम है मेरा स्थान कहां हैं। अनूप मिश्रा को नाराज होता देखकर पूर्व संगठन मत्री विजय दुबे भी उनके पास आकर बैठ गये। नाराजगी के बीच भाजपा का संकल्प पत्र जारी हुआ।