अंजान से इंटरनेट मीडिया पर दोस्ती न करें-राजेश दंडोतिया

Jul 02 2022

ग्वालियर। आजकल सेक्स टार्शन की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। जैसे किसी से इंटरनेट मीडिया पर दोस्ती की। उसने वीडियो काल की। अश्लील वीडियो रिकार्ड किया, फिर इसे वायरल करने की धमकी देकर रुपए की मांग की जाने लगी। इस तरह के मामलों में ठग वाइस कनवर्टर एप का उपयोग करते है। जिसके जरिए लड़के कुंवारे लड़कों से लेकर अधेड़ उमर तक के लोगों को फंसाकर ठगी कर रहे हैं। इसलिए अंजान से इंटरनेट मीडिया पर दोस्ती न करें। यह बात माधव कालेज में आयोजित सायबर क्राइम अवेयरनेस प्रोग्राम के दौरान एएसपी क्राइम राजेश दंडोतिया ने उपस्थित छात्रों से कही।
दरअसल सायबर काईम अवेयनेस प्रोग्राम के तहत माधव विधि महाविद्यालय में सायबर क्राईम अवेयरनेस विषय पर एक दिवसीय सेमीनार का आयोजन किया गया, जिसमें महाविद्यालय के कार्यालयीन स्टाफ एवं अध्ययनरत लगभग 60 छात्र-छात्राओं ने सेमीनार में भाग लिया। इस सेमीनार में एएसपी क्राइम राजेश डण्डौतिया ने उपस्थित सभी कालेज स्टाफ एवं छात्र-छात्राओं को सायबर अपराधों से जुड़ी विभिन्न केस स्टडीज से अवगत कराया। उन्होंने वर्तमान में पुलिस के पास आने वाली सायबर अपराध संबंधी शिकायतों को साझा किया। 
जिनमें उनके द्वारा मुख्यत: सेक्सट्रार्सन, सोशल मीडिया फ्रॉड, काल सेंटर के माध्यम से फ्रॉड, लाटरी फ्रॉड आदि के संबंध मे व्याख्यान दिया गया। सेमीनार में उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं को एएसपी क्राईम द्वारा स्मार्ट फोन को उपयोग करते समय कौन-कौन सी सावधानियां बरतें इस विषय पर भी प्रकाश डाला गया। साथ ही उनको सायबर अपराधों से बचने के उपायो से भी अवगत कराया और प्रोत्साहित किया। सेमीनार में उपस्थित ग्वालियर सायबर सेल प्रभारी रजनी सिंह रघुवंशी द्वारा सेमीनार में उपस्थित छात्र-छात्राओं तथा संस्थागत कर्मचारियों को फायनेंशियल फ्रॉड, ओटीपी फ्रॉड, यूपीआई फ्रॉड, जॉब फ्रॉड, मेट्रोमोनियल फ्रॉड, सोशल मीडिया फ्रॉड, स्टाकिंग, बुलिंग, रेनसमवेयर, मालवेयर के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। ग्वालियर पुलिस द्वारा सायबर अपराधों को रोकने के लिये किये जा रहे प्रयासों के बारे में बताया।
सायबर काईम अवेयनेस के जरिए शहर के सभी प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में जाकर पुलिस अफसर छात्रों को सायबर क्राइम से बचने और वर्तमान में हो रहे सायबर क्राइम से अवगत करा रहे हैं। क्योंकि छात्र और छात्राएं ही सबसे ज्यादा इंटरनेट फ्रेंडली है, अपना अधिक समय इंटरनेट मीडिया पर व्यतीत करते हैं। पढ़ाई भी ऑनलाईन होने लगी है।