वीर सपूत ही बलिदानी पथ पर हंसते हंसते जाते हैं-आकाश शर्मा

Jun 28 2022

ग्वालियर। भारतीय सेना ने 1962 का भारत चीन युद्ध हो या फिर 1965 का भारत पाकिस्तान युद्ध या 1971 का भारत पाकिस्तान युद्ध हो इन सभी युद्धों में एक बात सामने आई कि हमारी सेना और हमारे वीर सैनिक किसी भी परिस्थिति में जोखिम उठाने के लिए तैयार रहते हैं। 1999 कारगिल युद्ध ऐसी ही वीर गाथा का गवाह है, गहरी गहरी हजारों फुट गहरी खाइयों से गिरी ऊंची ऊंची पहाडिय़ां जिनमें दुश्मन बंकर बनाकर सुरक्षित बैठा है। जहां सांस लेना कठिन है। आक्सीजन की अत्यंत कमी होने के बाद भी उबड़ खाबड़ क्षेत्र जहां चोटियों पर पहुंचने के लिए रास्ता ना हो ऐसे में चोटियों पर बैठे दुश्मन से मुकाबला करना बड़ा ही दुष्कर कार्य था। 
लेकिन हमारे बहादुर सैनिकों ने अपने हौसलों से ऐसे दुर्गम क्षेत्र में छुपे बैठे दुश्मन तक पहुंच कर उनकी गर्दनों को मरोड़ा उनको मारा एवं मां भारतीय के भूभाग को दुश्मन से मुक्त कराया। इस आपरेशन में हवलदार सरमन सिंह टाइगर हिल्स पर दुश्मनों के ठिकाने पर बब्बर शेर की भांति टूट पड़े। यह बात कर्नल आकाश शर्मा ने कही। यह बात उन्होंने शहीद सरमन सिंह बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि सभा में कही।
बलिदान दिवस पर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने शहीद सरमन सिंह को पुष्प चक्र भेंट कर नमन किया पुष्प चक्र भेंट करने वालों में कर्नल आकाश शर्मा, साडा अध्यक्ष राकेश जादौन, सूबेदार मेजर अलीशेर खान, संस्था सचिव विहवल सेंगर, लेफ्टिनेंट सत्य प्रकाश तोमर, लेफ्टिनेंट विजय कुमार, गजेंद्र जैन, राजकपूर रिटायर्ड कर्नल श्रीमन नारायण शर्मा, रिटायर्ड सूबेदार पहलाद सिंह भदोरिया, कैप्टन राम सिंह तोमर, कैप्टन भारत सिंह तोमर, कैप्टन भगवंत सिंह आदि मौजूद थे।
बलिदान दिवस पर पूर्व अध्यक्षसाडा राकेश जादौन ने कहा कि हर वर्ष शहीद सरमन सिंह के बलिदान दिवस पर राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत अनेक कार्यक्रम यहां आयोजित होते रहे हैं क्योंकि आचार संहिता का पालन भी करना है। शहीदों को श्रद्धांजलि भी देना है। इसलिए होने वाले कवि सम्मेलन डांस नाटक मलखंब जैसे कार्यक्रमों को स्थगित करना पड़ा। भविष्य में और भी बड़े आयोजन होंगे एवं पार्क के सुंदरीकरण का कार्य भी जल्दी होगा।