तेज बारिश पर धरती अब भी प्यासी, उमस ने बढ़ाई परेशानी

Jun 27 2022

ग्वालियर। राजस्थान से आ रही गर्म हवा के कारण शहर सुबह से ही उमस से बेहाल रहा। आलम यह था कि कूलर-पंखे में भी लोग पसीने से तरबतर हो रहे थे। इसके बाद दोपहर में तेज बारिश शुरू हुई तो लोगों को लगा कि शायद अब गर्मी से राहत मिल जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ क्योंकि बारिश थोड़ी देर में ही थम गई। बारिश की चंद बूंदों ने धरती की प्यास और बढ़ा दी है। जिससे शहरवासियों को भारी उमस का सामना करना पड़ा। शाम को 4 बजे फिर से एक बार बारिश का दौर शुरू हुआ, लेकिन यह भी ज्यादा देर जारी नहीं रहा।
उत्तर प्रदेश में बने चक्रवातीय घेरे से ग्वालियर-चंबल संभाग में हवा का रुख दक्षिण पश्चिम हो गया है। यह हवा अपने साथ राजस्थान से गर्मी लेकर आ रही है, जिससे हवा से नमी गायब हो चुकी है। सुबह आसमान से बादल नदारद थे। ऐसे में उमस भरी गर्मी लोगों की परेशानी को बढ़ा रही है। इन सभी कारणों के चलते अंचल में भीषण गर्मी होने लगी है। 
गत दिवस हवा का रुख उत्तर पश्चिम हो गया, जिससे राजस्थान की गर्म हवा चली और साथ में नमी आ गई, जिससे उमस बढ़ गई है। उमस के कारण गर्मी का अहसास बढ़ा है। गत दिवस अधिकतम तापमान 41.2 डिसे रिकार्ड हुआ था, जो सामान्य से अधिकतम तापमान सामान्य से 2.5 डिग्री सेल्सियस ऊपर पहुंच गया, जिससे हवा गर्म हो गई है। नमी नहीं होने से गर्मी का अहसास बढ़ा है। इसके बाद आज दोपहर में तेज बारिश हुई लेकिन इसने उमस को अधिक बढ़ा दिया।
आज गरज चमक के साथ बारिश भी हो सकती है
बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम बन रहा है, जिससे मानसून सक्रिय होगा। इस सिस्टम से मानसून भी आगे बढऩा शुरू करेगा। 28 जून से शहर सहित अंचल में बादल छाना शुरू हो जाएगा। गरज-चमक के साथ बौछारें भी पड़ेंगे। बंगाल की खाड़ी का सिस्टम आगे बढ़ेगा, वैसे ही बारिश में तेजी आएगी। 29 जून से 3 जुलाई के बीच अच्छी बारिश के आसार बनेंगे।
इस बार भी मानसून चार दिन लेट हो सकता है। ग्वालियर में मानसून आगमन की सामान्य तारीख 25 जून है, लेकिन इस तारीख को मानसून शहर नहीं आया। 29 से 30 जून के बीच मानसून की बारिश के आसार हैं। इस वजह से मानसून चार दिन लेट हो रहा है।