लोकतंत्र सेनानियों ने काली पट्टी लगाकर काला दिवस मनाया

Jun 26 2022

ग्वालियर। लोकतंत्र सेनानी संघ के आह्वान पर देशभर में मनाए जा रहे एक दिवसीय काले दिवस के आव्हान के अंतर्गत रविवार को ग्वालियर में लोकतंत्र सेनानियों ने लाल-बाल-पाल (लाला लाजपतराय, बाल गंगाधर तिलक, विपिनचन्द्र पाल) की प्रतिमा के सामने काली पट्टी बाधकर आपातकाल-1975 में की गयी लोकतंत्र की हत्या का विरोध करते हुए लोकतंत्र की रक्षा करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के आरंभ में शहीदों को माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की गयी। 
संगठन के राष्ट्रीय सचिव मदन बाथम ने कहा कि आपातकाल-1975 में देश में 250 से अधिक पत्रकार को जेलों में डाल दिया गया। निरपराध नागरिकों के साथ हिंसा का ऐसा तांडव देश ने पहले कभी नहीं देखा था।  संपूर्ण देश में हाहाकार, जेल के भीतर भी अकेले मप्र में 100 से अधिक लोकतंत्र प्रेमियों की असमय मृत्यु हुई। 1,10,806 राजनैतिक और सामाजिक नागरिकों को मीसा/डीआईआर में बिना मुकद्दमा चलाये जेलों में निरुद्ध किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष मोहन विटवेकर ने आपातकाल के दमन और लोकतंत्र की महत्ता से नई पीढ़ी को परिचित कराने के लिए आपातकाल को पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग को दोहराया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एडवोकेट जीपी गर्ग, संचालन गुलशन गोगिया, आभार राजेन्द्र आर्य तथा गोपाल गांगिल ने स्वागत भाषण दिया।
इस अवसर पर भानुप्रकाश जैन, पुनीत सक्सेना, जयंतपाल खुराना, अशोक तँवर, बसंत शर्मा आदि भी मौजूद रहे।