भगवान जगन्नाथ ज्वर से पीडि़त, अब विश्राम करेंगे, पट बंद हुए

Jun 24 2022

ग्वालियर। शहर से 14 किलोमीटर दूर ग्राम कुलैथ में स्थित प्राचीन भगवान जगन्नाथ जी के मंदिर के पट गुरुवार की रात से सात दिन के लिए बंद हो गये। अब 30 जून को खुलेंगे। भगवान जगन्नाथ जी की रथ यात्रा इस बार 1 जुलाई को निकाली जाएगी। इस अवसर पर दो दिवसीय मेले का भी आयोजन रखा गया है। 1 जुलाई को यात्रा जगन्नाथ मंदिर से प्रारंभ होकर जनकपुरी पहुंचेगी, वहां 2 जुलाई को यात्रा की वापसी होगी। 
मंदिर के पुजारी भानु श्रीवास्तव ने बताया कि मान्यता है कि यात्रा से 8 दिन पहले ज्वर से पीडि़त होते हैं। इसके बाद उन्हें एकांतवास में रखा जाता है। भक्तों को इस दौरान दर्शन नहीं देते। 30 जुलाई को मंदिर के पट खुलेंगे, उसके बाद ही 1 जुलाई को जगन्नाथ यात्रा का आयोजन रखा गया है। उन्होंने बताया कि 1 जुलाई को रथ यात्रा निकलेगी रथ यात्रा से पहले भगवान के सामने चावल से भरे हुए घट ले जाए जाएंगे। यह घट यहां पर चार हिस्सों में बराबर बट जाएंगे, और यह प्रसाद श्रद्धालुओं को बांटा जाएगा। यह यात्रा इसी दिन कुलेथ में ही स्थित देवी मंदिर में पहुंचेगी, यहां पर यात्रा का विश्राम होगा। अगले दिन 2 जुलाई को यात्रा वापस जगन्नाथ जी के मंदिर पहुंचेगी। यात्रा में रथ पर भगवान फिर आ जाएंगे तथा पालकी में उनकी बहन सुभद्रा और बलदाऊ जी भी साथ में विराजमान होंगे।
नगर भ्रमण पर 10 जुलाई को भगवान जगन्नाथ निकलेंगें
इस्कान द्वारा 10 जुलाई को भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाले जाने की तैयारी शुरू हो गईं हैं। रथ यात्रा चैंबर आफ कामर्स से शुरू होगी, जो कि ऊंट पुल दौलतगंज, महाराज बाड़ा होते हुए छत्री मंड़ी पर समाप्त होगी। भगवान विष्णु के अवतार भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा के बाद कृष्ण प्रसादम की व्यवस्था की गई है।