चुनाव में बढ़ गई गेंदा, गुलाब-मोगरा की मांग, 30 रुपए वाली माला 50 से 70 रुपए बिच रही

Jun 23 2022

ग्वालियर। क्या आप जानते हैं कि जून-जुलाई फूलों का कारोबार करने वालों के लिए ऑफ सीजन होता है। इसकी एक बड़ी बजह सहालग न होना होता है, लेकिन पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव ने इस ऑफ सीजन में फूलों का व्यवसाय करने वालों के चेहरे फूलों की तरह महका दिए हैं। ऑफ सीजन में सीजन से दोगुना मांग गेंदा, गुलाब और मोगरा के फूलों की है। अभी तक पांच से 7 दिन पहले तक जो गेंदा फूल की माला दस रुपए की बिक रही थी वही अब 20 से 25 रुपए, गुलाब की 30 रुपए वाली माला 50 से 70 रुपए की रिटेल कारोबारियों द्वारा बेची जा रही है।
ग्वालियर में तो गेंदा की सप्लाई मांग से काफी कम है इसलिए आगरा से भी फूल मंगाने पड़ रहे हैं। अंचल में फूलों का कारोबार करने वालों का कहना है कि हर साल पन्द्रह जून से पन्द्रह सितंबर यानी तीन महीने फूलों के कारोबार का ऑफ सीजन रहता है। लेकिन इस साल पंचायत व नगर निकाय चुनावों के चलते फूलों की डिमांड सामान्य दिनों की तुलना में दो गुना बढऩे से दाम दो गुना बढ़ गए हैं।
थोक में फूलों का कारोबार करने वाले कारोबारी डिमांड पूरी करने के लिए आगरा, मथुरा, राया, बाडी के साथ ही सरमथुरा व भरतपुर से फूल मंगाकर रोजाना बढ़ रही डिमांड को पूरा कर रहे हैं। डिमांड बढ़ते ही फूल भी अपने दाम पर इतरा रहा है। 
जैसे-जैसे मतदान पास आएगा और बढ़ेगी मांग
राममंदिर पर फूलों का होलसेल का काम करने वाले सोनू कुशवाह ने बताया कि नगरीय निकाय चुनाव को लेकर अचानक डिमांड बढ़ गई है। 22 जून को प्रत्याशियों के नााम वापस लेने का आखिरी दिन था। अब सारी तस्वीर साफ हो गई है। गुरुवार से सभी जोर-शोर से प्रचार में जुटे गए हैं। नेता बड़े नेताओं और कार्यकर्ता अपने नेता का जगह-जगह स्वागत करेंगे तो फूल मालाओं का व्यापार कई गुना बढ़ जाएगा। जैसे-जैसे मतदान पास आता जाएगा मांग बढ़ती जाएगी। यह ऑफ सीजन रहता था पर अभी लग रहा है कि यह ऑफ सीजन में सीजन से ज्यादा कमाई हो जाएगी। उन्होंने कहा कि फूलों की बढ़ती डिमांड को देखते हुए शहर में फूलों की कमी नहीं हो इसके लिए यूपी व राजस्थान के होलसेल काराबारियों को एडंवास आर्डर भी दे दिया है।
होलसेल फूल कारोबारी ने बताया कि दस जून तक फूलों की डिमांड नहीं निकलने के कारण शहर की आपूर्ति शहर के आसपास स्थित रहेपुरा, गिरवाई, दुल्लपुर, शंकरपुर ग्राम से की जा रही थी, भाड़ा कम लगने से जहां गेंदा फूल 40 से 50, गुलाब 80 से 100 व मोगरा 150 से 165 रुपए प्रतिकिलो बिक रहा था, लेकिन जिला स्तर पर डिमांड दो गुना से अधिक आते ही गेंदा 80 से 90 रुपए , गुलाब 100 से 120 व मोगरा 200 रुपए प्रतिकिलो बिक रहा है। इस मौसम में फूलो की आवक कम होती है। आलम यह है कि फूलों की आवक कम है जबकि डिमांड रोजाना बढ़ रही है। सामान्य दिनों में शहर में प्रतिदिन दस क्विंटल फूलों की खपत होती है, जो बढ़कर दोगुना जा पहुंची है।