लक्ष्मीगंज श्मशान घाट में अंतिम क्रिया के बाद हुई तांत्रिक क्रियाएं

Jun 22 2022

ग्वालियर। लक्ष्मीगंज मुक्तिधाम में एक अंतिम क्रिया के बाद फूल उठाने गए परिजन उस समय चौंक गए जब जिस स्थान पर दाग दिया गया था। वहां पर नींबू और कुछ लोहे के पात्र मौजूद मिले। इतना ही नहीं मृतक के शरीर से सिर और अन्य सामग्री गायब थी। प्रथम दृष्टिया इस पूरे घटनाक्रम को तांत्रिक क्रिया से जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि मृत्यु के 24 घंटे के अंदर तांत्रिक लोग इस तरह की क्रिया करके मुर्दे को जगाते हैं। परिजनों की शिकायत पर पुलिस लक्ष्मीगंज मुक्तिधाम पहुंची लेकिन कुछ बोलने से कन्नी काटती रही। परिजनों का कहना है कि चौकीदार की मिली भगत से तांत्रिक क्रियाएं श्मशान घाट में चल रहीं हैं। इसका उदाहरण सामने पड़ा है। उन्होंने सीसीटीवी कैमरे की रिकार्डिग देखकर जांच पड़ताल की मांग भी की है। 
ब्रिज विहार कॉलोनी नई सड़क निवासी 62 वर्षीय मनमोहन दीक्षित का लंबी बीमारी के चलते देहांत हो गया था। परिजनों ने मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया। जब परिजन फूल उठाने लक्ष्मीगंज मुक्तिधाम पहुंचे। परिजनों ने फूल उठाते समय देखा कि जिस स्थान पर उनके परिवार के सदस्य का अंतिम संस्कार किया है। उस मृत शरीर पर तांत्रिक क्रिया की गई है। आस-पास नींबू और अन्य सामग्री मिली साथ ही साथ मृतक की खोपड़ी भी गायब थी। नींबू पैरों की तरफ रखे हुए थे। जबकि सिर के पास से शरीर के हिस्से गायब थे। वहीं निशान भी साफ दिखाई दे रहे थे। 
इस पूरे घटना क्रम को देखकर परिजनों ने पुलिस में शिकायत की।  परिजनों का कहना था कि लक्ष्मीगंज मुक्तिधाम में रात के समय चौकीदार मौजूद रहता है। इसके बाबजूद कैमरे लगे हुए हैं। आखिर चौकीदार कहां गया था। जो मृत आत्माओं के साथ तंत्र विद्या का खेल लक्ष्मीगंज मुक्तिधाम में चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि पैसे लेकर सेवादार इस तरह के कार्य करा रहा है। परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि कैमरे में से संपूर्ण रिकार्डिंग निकालकर जो भी दोषी है उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाना चाहिए। ताकि कभी ऐसी घटना न हो सके। 
मृतक के भतीजे का कहना है कि चाचा मनमोहन दीक्षित का निधन हो गया था। उनका अंतिम संस्कार लक्ष्मीगंज मुक्तिधाम में किया गया था। लेकिन यहां पर जिस प्रकार का कृत्य समिति के सहयोग से किया जा रहा है। उसे कोई भी स्वीकार नहीं करेगा। कपाल क्रिया के स्थान को ले जाना जांच का बिंदु है। समिति को चाहिए था कि वह तुरंत कैमरे की रिकार्डिंग सार्वजनिक करें। आखिर अभी तक ऐसा क्यों नहीं किया गया। हमे अब  लक्ष्मीगंज मुक्तिधाम से नफरत होने लगी है और हिंदुओं को चाहिए कि ऐसे स्थान से नाता तोड़े जहां मरने के बाद भी सुरक्षा नहीं हैं।