भारत बंद के आह्वान का ग्वालियर में नहीं दिख रहा असर, पुलिस चौकस दिखी

Jun 20 2022

ग्वालियर। सेना भर्ती में अग्निपथ योजना के विरोध में 20 जून को भारत बंद के आह्वान की हवा इंटरनेट मीडिया पर बनाई जा रही थी। शहर में स्टेशन, बस स्टैंड, गोला का मंदिर मॉल-बाजार के अलावा स्टेशन पर लगातार गश्त करती नजर आ रही थी। लगभग 300 अतिरिक्त जवान व अफसर तैनात किए गए थे। दिल्ली की और जाने और आने वाली ट्रेन व बसों पर रविवार की रात से ही पुलिस निगरानी कर रही थी।
 लेकिन सोमवार को भारत बंद के आह्वान का ग्वालियर में कोई असर नहीं दिखाई दिया। इसके लिए कोई संगठन तो आगे नहीं आया, लेकिन पुलिस ने पूरी तैयारी कर रखी थी। इसलिए सुबह से पुलिस सड़कों पर दिखाई दी। पेट्रोलिंग पार्टी से लेकर कुछ ऐसे इलाके चिह्नित किए हैं, जहां उपद्रवियों के इकठ्ठे होने की आशंका है। वहां पर विशेष सतर्कता बरती गई। साथ ही पुलिस का खुफिया तंत्र भी काम कर रहा है। ऐसे करीब 10 लोग चिह्नित किए गए हैं, जो माहौल खराब कर सकते हैं, इनकी हर एक गतिविधि पर निगाह रखी जा रही है।
केंद्रीय रक्षा मंत्रालय की अग्निपथ योजना के विरोध में उपद्रवियों ने सोमवार को भारत बंद का ऐलान किया है। इसके मैसेज विभिन्न इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे हैं, जिसमें दिल्ली चलो का नारा भी दिया जा रहा है। इंटेलीजेंस से मिले इनपुट के मुताबिक ग्वालियर स्टेशन पर भी बलवे की संभावना जताई गई है, क्योंकि गत गुरुवार को भी यहां उपद्रवियों ने तोडफ़ोड़ की थी। इसको देखते हुए रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) व शासकीय रेल पुलिस (जीआरपी) को अलर्ट पर रखा गया। यहां आरपीएफ के डीआइजी और जीआरपी के एडिशनल एसपी खुद मौजूद रहकर कानून व्यवस्था संभाल रही थीं।
रविवार को आरपीएफ व जीआरपी के अफसरों ने वर्चुअल बैठक की थी। इसमें मध्यप्रदेश जीआरपी के अफसरों सहित आरपीएफ के झांसी, नागपुर, भोपाल, कल्याण, भुसावल के अफसर जुड़े। हंगामे और उपद्रव के इनपुट के आधार पर तय किया गया था कि स्टेशन पर पर्याप्त संख्या में बलवा नियंत्रक सामग्री के साथ ही आंसू गैस भी रखी गई थी। 
संवेदनशील माने जा रहे ग्वालियर सहित मुरैना व भिंड स्टेशनों पर राइफल पार्टियां भी तैनात की गई हैं। सोमवार को प्रत्येक स्टेशन की वीडियोग्राफी भी कराई गई। जीआरपी व आरपीएफ के जवान सादा कपड़ों में तैनात किए गए। यार्ड में खड़ी ट्रेनों की सुरक्षा के लिए भी जवान तैनात किए गए थे। स्टेशन पर बलवा की स्थिति से निपटने के लिए तमिलनाडु के त्रिचरापल्ली से आरपीएफ की एक कंपनी बुलाई गई है। इन जवानों ने स्टेशन पर फ्लैग मार्च निकाला। इसके अलावा पटरियों पर भी सर्चिंग की। इन जवानों को बिरला नगर, रायरू सहित सिथौली, पनिहार जैसे स्टेशनों पर तैनात किया गया है। उधर जीआरपी ने भी भिंड, मुरैना व ग्वालियर को संवेदनशील मानते हुए बल बढ़ाया है। साथ ही जिला पुलिस से भी जवानों को स्टेशन की सुरक्षा में तैनात किया गया था। इसके साथ ही इंटरनेट मीडिया पर भी पुलिस ने नजरें गढ़ाकर रखी हुई थी। शहर के चप्पे चप्पे पर पुलिस तैनात रही। शहर की सुरक्षा को लेकर दो हजार जवान तैनात किए गए थे। इसमें एसएएफ की टीम भी लगाई गई।
गौरतलब है कि ग्वालियर शहर में गुरुवार को बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुआ था। 1000 से अधिक युवाओं ने सार्वजनिक और निजी संपत्तियों में तोडफ़ोड़ की, जिससे रेलवे स्टेशनों और सड़कों पर लोगों में दहशत फैल गई थी। उग्र भीड़ ने केंद्र की अग्निपथ भर्ती योजना के विरोध में शहर में कई स्थानों पर सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया था। सड़कों और रेलवे स्टेशनों पर लोगों को हिंसा से बचने के लिए आश्रय ढूंढना पड़ा था। पुलिस को भी इस विरोध को रोकने में कड़ी मशक्कत करना पड़ा था। कलेक्टर व एसपी दोनों को ही मैदान में कूदना पड़ा था। 
प्रदर्शनकारियों ने न केवल सड़कों पर वाहनों को नुकसान पहुंचाया, बल्कि ग्वालियर रेलवे स्टेशन में घुसकर एक खड़ी ट्रेन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया था। प्रदर्शनकारियों ने लकड़ी के ल_ों, पेड़ों की टहनियों और अन्य रेलवे संपत्तियों को पटरियों पर रखकर कम से कम 6-7 ट्रेनों की आवाजाही रोक दी थी। इसके अलावा बिरला नगर स्टेशन रेलवे स्टेशन पर भी उपद्रवी छात्रों ने जमकर बवाल किया। उपद्रवियों ने यात्रियों के लिए कुर्सिंयों को उखाड़कर ट्रेक पर फेंक दिया। हाथों में लोहे और लकडिय़ों के डंडे लिए उपद्रवियों ने पंखे तोड़ दिए और जो सामान ट्रेक पर फेंका उसमें आग लगा दी। तीन स्थानों पांच घंटे से भी ज्यादा समय तक शहर में तोडफ़ोड़ आगजनी, पथराव और हंगामे के कारण यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने एक दर्जन से ज्यादा उपद्रवियों को पकड़ा है जिनसे पूछताछ कर उनके द्वारा योजनाबद्ध ढंग से किए गए प्रदर्शन के बारे में पूछताछ की जा रही है।
उपद्रव के बाद पुलिस अलर्ट मोड पर
शहर में 16 जून को हुए उपद्रव के बाद अग्निपथ के विरोध पर अलर्ट पुलिस अब उपद्रव में सोशल मीडिया के जिन ग्रुप पर मैसेज व पोस्ट वायरल हुईं थी उन पर एएसपी क्राइम राजेश दंडोतिया व सीएसपी ऋषिकेश मीणा की टीम की नजर है, लेकिन सूचना है कि उपद्रव करने वाले अब इन वॉटसएप व चैटिंग ग्रुप से लेफ्ट होकर नए ग्रुप पर सक्रिय हो गए हैं। अब अग्निपथ विरोधी सोशल मीडिया के स्थान पर टेक्स मैसेज व फोन पर बात कर सूचनाएं भेज रहे हैं। जिसको लेकर पुलिस भी अलर्ट हो गई है। सोमवार को शहर में कड़ी सुरक्षा लगाई गई थी। पुलिस मॉल-बाजार के अलावा स्टेशन पर लगातार गश्त करती नजर आ रही थी।
पुलिस अफसरों ने बताया कि उपद्रव के बाद पुलिस ने जिन उपद्रवियों को चिह्नित किया था वह सभी भूमिगत हो गए हैं। सभी अपने घर व ठिकानों? से गायब है और उनके मोबाइल बंद आ रहे हैं। इनकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है, लेकिन यह हाथ नहीं आ रहे हैं। भर्ती की तैयारी कराने वाले ट्रैनरों के ग्रुप की भी निगरानी की रही है।