दिव्यांग बच्चे दे रहे स्वच्छता व आत्मनिर्भरता का संदेश, नगर निगम कर रहा मदद

Jun 19 2022

ग्वालियर। ओहदपुर स्थित एहसास संस्था के मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चे कबाड़ से जुगाड़ बनाकर समाज को आत्मनिर्भरता व स्वच्छता का संदेश दे रहे हैं। इन बच्चों ने अनुपयोगी वस्तुओं से दैनिक जीवन में घर व दफ्तर में उपयोग आने वाले आइटम तैयार किए हैं। इनमें लिफाफे, बैग, पूजा की थाली, ज्वैलरी बाक्स आदि चीजें शामिल हैं। नगर निगम के अफसरों ने भी पहल करते हुए थ्री आर मार्ट के सहारे इन वस्तुओं की बिक्री की व्यवस्था की है, ताकि उनका उत्साहवर्धन हो सके।
व्यक्ति मन से दिव्यांग हो, तो वह न केवल अपने जीवन के लिए बोझ बन जाता है बल्कि समाज को भी नुकसान पहुंचाता है। शरीर से दिव्यांग होने के बाद भी जो लोग इसे अपनी कमजोरी नहीं समझते, वे बहुत कुछ कर गुजरते हैं। एहसास संस्था के दिव्यांग बच्चों ने इसे अपनी कमजोरी कभी नहीं माना। उन्होंने नगर निगम के स्वच्छता अभियान में लोगों को जोडऩे के लिए अनुपयोगी सामग्री से ऐसी चीजें तैयार की हैं, जो घर या दफ्तर में उपयोग की जा सकती हैं। 
निगमायुक्त किशोर कान्याल व निगम के अन्य अधिकारियों ने पिछले दिनों इस संस्था का निरीक्षण किया था। वहां बच्चों को लिफाफे, बैग, ज्वैलरी बाक्स, पूजा की थाली बनाते देख इन्हें निगम के माध्यम से थ्री आर मार्ट पर रख इसका प्रचार-प्रसार करने के निर्देश निगम स्टाफ को दिए। कुछ दिन पहले अपर आयुक्त मुकुल गुप्ता और उपायुक्त मिनी अग्रवाल ने केंद्र का निरीक्षण किया और इस सामग्री को सालासर में संचालित थ्री आर मार्ट पर रखवाया। अब इन बच्चों द्वारा बनाई गई सामग्री स्वच्छता में योगदान दे रही है, क्योंकि इसे पेपर कटिंग आदि के माध्यम से तैयार किया गया है। उनके द्वारा निर्मित सामान के लिए एक रैक भी नगर निगम द्वारा सालासर मार्ट में उपलब्ध कराया गया है।