कचरे से दिव्यांग बना रहे नए उत्पाद, थ्री आर मार्ट में हो रही बिक्री

Jun 17 2022

ग्वालियर। नगर निगम ग्वालियर द्वारा स्वच्छता के क्षेत्र में कई नवाचार किए जा रहे हैं। जिससे एक तरफ तो अनुपयोगी वस्तुओं को उपयोगी बनाकर नवाचार किया जा रहा है। जिससे जहां एक ओर आमजनों को स्वच्छता का संदेश दिया जा रहा है तथा दूसरी ओर लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है। इसके तहत बेकार चीजों से उपयोगी वस्तु बनाकर 3आर मार्ट के माध्यम से उनका विक्रय भी किया जा रहा है।
ओहदपुर स्थित एहसास संस्था के मानसिक दिव्यांग बच्चे अनुपयोगी वस्तुओं से लिफाफा, बैग, ज्वैलरी बाक्स व पूजा की थाली जैसी चीजें बना रहे हैं। इन्हें नगर निगम द्वारा थ्री आर मार्ट के माध्यम से बेचा जा रहा है। ये बच्चे स्वच्छता का संदेश देने वाली चीजें तैयार कर रहे हैं। बच्चों के द्वारा स्कूल के माध्यम से बनाए जा रहे लिफाफे, बैग, ज्वैलरी बाक्स, पूजा की थाली आदि देखकर इतने प्रभावित हो गए की उन्होंने इस सामग्री को निगम के माध्यम से 3आर मार्ट पर रख इसका प्रचार प्रसार करने के निर्देश निगम स्टाफ को दिए। एहसास एक शिक्षा का केंद्र है जिसमे शिक्षा उन अबोध बच्चों को दी जा रही है जो समाज के मानदंडों पर खरे नहीं उतरते या ये कहें जो हम सबसे अलग है जिनकी दुनिया अलग है। लेकिन इनकी अलग दुनिया के बीच इनके लिए जीवन जीने का रास्ता निकालने इन बच्चों को भी आत्मनिर्भर बनाने का सच्चा और ईमानदार प्रयास एहसास की संचालिका मदान व अरोड़ा आदि कर रही हैं।
यहां जाने पर आपको एहसास होगा की यहां हर एक व्यक्ति एक अलग प्रकार के धैर्य और संवेदनशील का परिचय दे रहा है। सेरेब्रल पाल्सी, मानसिक पिछड़ेपन से पीडि़त ये बच्चे जब चिल्लाते हैं या हाथ चला देते हैं तो यहां उपस्थित शिक्षिकाएं इसे लाड़ कहकर इनको प्यार करती हैं। इन बच्चों के विषय में वहां उपाथित स्टाफ से पूछा गया तो उन्होंने कहा इन बच्चों में साक्षात ईश्वर नजर आता है। इन बच्चों द्वारा बनाई गई सामग्री को सालासर में संचालित 3आर मार्ट पर रखवाया। अब इन बच्चों के द्वारा बनाई गई सामग्री कहीं ना कहीं स्वच्छता में योगदान की तरह देखी जा सकती हैं क्योंकि ये बच्चे पेपर कटिंग आदि के माध्यम से सामग्री से निर्मित कर रहे हैं। संचालिका को निगम द्वारा कहा गया की कबाड़ से जुगाड कर भी सामान इन बच्चों के माध्यम से निर्मित कर 3आर मार्ट पर रखवाएं। ताकि स्वच्छता में अमूल्य योगदान ये बच्चे दें।उनके द्वारा निर्मित सामान के लिए एक रैक भी नगर निगम द्वारा सालासर मार्ट में उपलब्ध कराया गया है जहां एहसास के बच्चों द्वारा बनाए गए सामान को रखा गया है। इस एहसास को देखने के बाद आप सभी को ये एहसास होगा कि स्वामी विवेकानंद द्वारा कहे गए मानव सेवा ही सच्ची सेवा को ये विद्यालय मूर्त रूप दे रहा है। अब निगम के साथ मिलकर ये संस्था एक नए आयाम स्थापित करने के लिए तैयार है।