अग्निपथ की आग ग्वालियर में भी, रेलवे ट्रैक फूंका-युवाओं ने किया चक्काजाम, पथराव में 10 लोग घायल, सेना मोर्चे पर

Jun 16 2022

ग्वालियर। केंद्र सरकार की अग्निपथ स्कीम का देशभर में विरोध हो रहा है। बिहार से निकली ये चिंगारी अब मध्यप्रदेश तक पहुंच गई है। ग्वालियर के गोला का मंदिर में सेना भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं ने चक्काजाम कर दिया है। बीच सड़क पर टायर जलाकर छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। उग्र युवाओं ने रेलवे स्टेशन पर तोडफ़ोड़ कर दी। युवाओं के पथराव में 2 पत्रकार समेत 10 लोग घायल हुए हैं। बरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमित सांघी और एडीएम कौशलेंद्र विक्रम सिंह मौके पर पहुंचे। 
हंगामे की खबर मिलते ही पूरे शहर में पुलिस फोर्स तैनात किया गया है, लेकिन आक्रोशित युवाओं ने पुलिस को देखते ही पथराव शुरू कर दिया। पथराव में 2 पत्रकार, 2 पुलिसकर्मी समेत 10 लोगों के घायल होने की खबर है। पुलिस ने लाठीचार्ज कर युवाओं को खदेड़ा। चारों तरफ हंगामा चल रहा है। पुलिस से जब हालात नहीं संभले तो सेना को बुलाया गया। अब सेना ने मोर्चा संभाल लिया है। युवाओं को नियंत्रित कर रही है। पुलिस प्रशासन और सेना लगातार हालात पर नजर रखे हुए है।
ग्वालियर के मुरार छावनी में सुबह से ही युवा जुट रहे थे। पुलिस उनके इरादे भांपने में चूक कर गई। जब तक पुलिस कुछ समझ पाती, 500 से ज्यादा युवा जुट गए। गोला का मंदिर इलाके में तोडफ़ोड़ की। सड़कों पर टायर फूंके। ट्रैफिक रोक दिया। अग्निपथ योजना के तहत भर्ती और पूर्व में हुई भर्तियों को रद्द करने की जानकारी लगने के बाद युवाओं का गुस्सा भड़क गया है। गौरतलब है कि ग्वालियर चंबल से सबसे ज्यादा युवा सेना में जाते हैं।
उधर युवाओं का स्पष्ट कहना है कि वह पिछले दो साल से मैदान में पसीना बहा रहे हैं और अब कहा जा रहा है कि अग्निपथ योजना के तहत भर्ती की जाएगी, यह सरासर अन्याय है। ये आंदोलन की केवल शुरुआत है, यदि आदेश में बदलाव नहीं किया गया तो आंदोलन विकराल रूप धारण करेगा।
रेलवे ट्रैक पर जलते टायर फेंके, तोडफ़ोड़
गोला का मंदिर चौराहे पर हंगामा करने के बाद युवाओं की भीड़ बिरला नगर स्टेशन पहुंच गई। टायरों को जलाकर रेलवे ट्रैक पर फेंक दिए। पूरे स्टेशन में तोडफ़ोड़ की। कुर्सियां, बैंच और दुकानों में तोडफ़ोड़ की।
पहले भी हो चुका है हंगामा, पुलिस प्रशासन के हाथ पैर फूले
सेना भर्ती को लेकर आक्रोशित युवाओं के तेवर देखकर लोगों को सेना भर्ती-2014 में हुआ उपद्रव का सीन याद आ गया है। तब ग्वालियर के मेला ग्राउंड में सेना भर्ती के दौरान हुए विवाद के बाद करीब 25 से ज्यादा गाडिय़ां जला दी गईं थी। एक करोड़ से ज्यादा की सम्पत्ति की तोडफ़ोड़ की गई थी। गुरुवार को हंगामा होते ही लोग दहशत में आ गए हैं। पूरा स्टेशन बजारिया, गोला का मंदिर, मुरार बाजार बंद कर व्यापारी दुकान के अंदर ही खुद को बंद कर बैठे गए।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सेना में भर्ती की अग्निपथ योजना सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा- यह बेरोजगार युवाओं के साथ धोखा है। अब क्या ऐसी टेंपरेरी अप्रोच से भारत भूमि की रक्षा होगी और ऐसे भारत माता के सम्मान की सुरक्षा होगी? असली राष्ट्रभक्ति सामने आ रही है? यह अग्निपथ है या अग्निकुंड?
अग्निपथ स्कीम है क्या?
अग्निपथ स्कीम आर्म्ड फोर्सेज के लिए एक देशव्यापी शॉर्ट-टर्म यूथ रिक्रूटमेंट स्कीम है। इस स्कीम के तहत भर्ती होने वाले युवाओं को अग्निवीर कहा जाएगा। अग्निवीरों की तैनाती रेगिस्तान, पहाड़, जमीन, समुद्र या हवा, समेत विभिन्न जगहों पर होगी।