मुनिश्री विनय सागर महाराज ने पनिहार से पद विहार कर सिकंदर कंपू जैन मंदिर पहुँचे

Jun 14 2022

ग्वालियर। श्रमण मुनिश्री विनय सागर महाराज ससंघ ने मंगलवार की सुबह ग्वालियर नगर के दीनदयाल नगर में 2022 के पावन चार्तुमास के लिए पनिहार भौंरा स्थित जैन तीर्थ आदिश्वर धाम से पद विहार कर ग्वालियर सिकंदर कंपू स्थित श्री शांतिनाथ जैन जिनालय मंदिर पहुँचे। मुनिश्री ने गुरु भक्तों के साथ 20 किलो पदयात्रा कर सिकंदर कंपू पहुँचे।
जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया श्रमण मुमिश्री विनय सागर महाराज ससंघ प्रात: 5 बजे पनिहार से राजेश लाल मित्र मंडल, दिगंबर जैन जागरण युवा मंच ग्रेटर, व गुरुभक्त आधा दर्जन युवकों के साथ पद यात्रा करते हुए ग्वालियर स्थित श्री शांतिनाथ जैन जिनालय मंदिर पहुँचे। मुनिश्री विनय सागर महाराज का 2022 पावन चतुर्मास दीनदयाल नगर जैन मंदिर में होना है। श्रमण मुनिश्री विनय सागर महाराज ग्वालियर शहर के अलग अलग जैन मंदिरो में पहुँचकर भगवान जिनेंद्र के दर्शनों के साथ मंदिर समितियों को होने वाले भव्य चातुर्मास के लिए धर्म प्रभाव के लिए जुड़ेंगे। 
श्रमण मुनिश्री विनय सागर महाराज मंगलवार सुबह पद विहार कर सिकंदर कंपू स्थित दिगंबर शांतिनाथ जैन मंदिर पहुंचे। जहाँ मुनिश्री में मंत्रो का उच्चारण कर जैन समाज के लोगो ने पीले वस्त्र धारण कर भगवान शांतिनाथ का कलशों से जयकारों के साथ अभिषेक किया। भगवान शांतिनाथ की दीपो से महाआरती की गई। 
श्रमण मुनिश्री विनय सागर महाराज ने जैन मंदिर में धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि पुण्य शाली जीव को ही धार्मिक वातावरण मिलता है, किसी के निमित्त से किसी को पुण्य सहज मिल जाता है। मगर हम अधर्मी जीव इस मौके को भुना नहीं पाते। हर कोई संसार में रहना चाहता है जहां दुख ही दुख है। जीवन में हमें अच्छे कार्यों को लगातार करना चाहिए, समय निकाल कर जिन भगवान की आराधना करनी चाहिए। पाप की तो मर्यादा होती है पुण्य की मर्यादा नहीं होती। पुण्य के फल की मर्यादा होती है पाप के फल की नहीं।असीमित पुण्य का संचय मनुष्य को नर से नारायण बनाकर सिद्ध शिला में विराजमान कर देता है।