मॉ गंगा का अभिषेक कर अच्छी बारिश की श्रद्धालुओ ने मनोकामना

Jun 09 2022

ग्वालियर। भाऊ का बाजार स्थित 125 साल पुराना गंगा मन्दिर में  गुरुवार को गंगा दशहरा पर मंदिर में प्रात बेला में मॉ गंगा माईया का महिलाओं ने मंत्र उच्चरण के साथ पंचअमृत से अभिषेक किया। अभिषेक के उपरांत मॉ गंगा माईया का विशेष श्रृगांर कर भव्य आरती उतारी। मंदिर में सुबह से पहुँच रहे श्रद्धालुओ ने हाथ जोडकर माथ टेकर दर्शन किए।
मंदिर के मीडिया प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि महंत पुजारी किरण शर्मा ने मंत्र उच्चारण के साथ मॉ गंगा माईया का जल, दूध, घी, दही, चंदन, केशर, शहद, फलों के रस सहित पंचअमृत से अभिषेक किया गया। मैया का अभिषेक और पूजा आर्चना कर उपरांत देशभर में अच्छी बारिश होने के लिए मॉ गंगा माईया से मनोकामना की। महिलाओ ने मॉ गंगा माईया का विशेष श्रृंगार कर भक्ति भाव के साथ किया गया। इस के साथ ही श्रद्धालुओं ने गंगा माईया की दीपो से भव्य महाआरती उतारी। महिलाओं ने ढोलक की थाप पर मॉ गंगा माईया के भजनों पर महिलाओं ने भक्ति विभोर होकर किर्तन में गंगा माईया की भेटे गायई और नृत्य किया। जिसके बाद प्रसादी का वितरण किया गया। वही श्रध्दालुओं ने मंदिर में शर्बत, पानी, मटका, पंखा, खरबूजा, आम. चीनी आदि चीजें दान की गई।
 मंदिर की स्थापाक श्रीमती किरण शर्मा ने बताया कि ज्येष्ठ शुल्क पक्ष की दशमी को संवत्सर का मुख्य कहा गया है। इसलिए इस दिन स्नान और दान देने के विशेष महत के चलते भक्त ब्राम्हणों को सुरई, मटकी, पंख, आम, सत्तू आदि वास्तुओं का दान करते है। वराह पुराण के अनुसार ज्येष्ठ शुल्क दशमी के दिन हस्त नक्षत्र में स्वर्ग से धरती पर गंगा का अवतरण हुआ था। गंगा दशहरा पर इस पवित्र नदी में स्नान करने से 10 प्रकार के पाप नष्ट होते है। 10 पार्पो में 3 कायिक, 4 वाचिक और 3 मानसिक पाप होते है। गंगा स्नान से इन सभी को पापों से व्यक्ति को मुक्ति मिलती है।