खुशियों की दास्तां-अब हम सब भी मकान मालिक हैं

May 23 2022

ग्वालियर। हमारे मकान जरूर बने हैं पर कभी हम हक के साथ यह नहीं कह पाए कि हम भी अपने मकान के वास्तविक मालिक हैं। शहरी सीमा में मकान होने के बाबजूद उसकी कोई वैधानिक मान्यता नहीं थी। जाहिर है बैंक में उसकी कोई कीमत नहीं, सो मकान का विस्तार करने के लिये बैंक ऋण दूर की कोणी ही रहा। पर अब हम सब अपने-अपने घर के वास्तविक मालिक बन गए हैं। मुख्यमंत्री नगरीय भू-अधिकार योजना ने हमें अपने मकान और आवासीय भू-खण्ड का मालिक बनाया है। 
ग्वालियर शहर के वार्ड 62 के अंतर्गत शेखपुरा बस्ती के निवासी धर्मेन्द्र पाल, मेहताब सिंह, राजेन्द्र सिंह बघेल व रामरूप इत्यादि को मुख्यमंत्री नगरीय भू-अधिकार योजना के तहत भू-स्वामी अधिकार पत्र व स्थायी पट्टे मिल गए हैं। राजेन्द्र सिंह बघेल बताते हैं कि हमारा परिवार कई वर्षों से सरकारी जमीन पर मकान बनाकर रह रहा था। मेरे पिताजी और मेरा जन्म भी वहीं हुआ पर मकान का मालिकाना हक नहीं मिल पाया। भला हो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का जिन्होंने ऐसी योजना लागू की, जिससे हम जैसे अनेकों परिवार अपने घर व आवासीय प्लॉट के वास्तविक मालिक बन गए। 
आवासीय पट्टा मिलने से गदगद धर्मेन्द्र पाल कहने लगे कि हमारा परिवार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति जीवन भर शुक्रगुजार रहेगा। अब हम बैंक से लोन लेकर बड़ा सा घर बनायेंगे। जब मकान के अधिकार पत्र हाथ में मिला तो रामरूप व मेहताब भी खुशी से फूले नहीं समाए। 
ग्वालियर जिले में मुख्यमंत्री नगरीय भू-अधिकार योजना के तहत अब तक 378 परिवारों को उनके आवास का मालिकाना हक मिल गया है। ये सभी परिवार अब सुकून के साथ अपने घर में रह सकेंगे।