बिना भगवान की मर्जी के संसार में पत्ता भी नहीं हिलता पं.घनश्याम शास्त्री जी

May 19 2022

पारदी मोहल्ला शिंदे की छावनी में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में सुप्रसिद्ध भागवताचार्य पं.श्री घनश्याम शास्त्री जी महाराज ने बताया कि श्री कृष्ण का जन्म वासुदेव और देवकी के गर्भ से कारगार में हुआ था. वासुदेव ने श्री कृष्ण को गोकुल में यशोदा के यहां दे दिया था, जहां यशोदा ने अपने लल्ला कान्हा को बड़े ही लाड़ प्यार से पाला. भगवान श्री कृष्ण बचपन से ही नटखट थे.  कृष्ण की बंसी की धुनें राधा को खूब भाती थीं. पूरे गांव में राधा-कृष्ण की रासलीलाएं खूब चर्चित हैं. शास्त्री जी ने बताया कि बिना भगवान की मर्जी की मर्जी के बिना पत्ता भी नहीं हिलता इंद्र देव श्री कृष्ण की लीलाओं से अंजान ते और उन्होंने गुस्से में गांव में बहुत तेज बारिश कर दी. गांव वालों को बचाने के लिए श्री कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी एक उंगली पर उठा लिया और सबी ब्रिज वासियों को उसके नीचे शरण दे दी. सात दिन तक बिना कुछ खाए श्री कृष्ण गोवर्धन पर्वत को उटाए खड़े रहे. और आठवें दिन बारिश रुकने पर गांव वासियों को बाहर निकाला. कार्तिक मास में अन्नकुट की पूजा भी श्री कृष्ण ने ही आरंभ कराई थी कथा परीक्षित उमा जीतेंद्र तिवारी,महंत नरेंद्र मिश्रा पप्पी महाराज जी इस अवसर पर पत्रकार बंधू श्याम श्रीवास्तवजी,संजय भारद्वाज,रवि यादव, ब्रजेश चतुर्वेदी, गीता पांडेय, जितेंद्र पाण्डेय ने भागवत कथा श्रवण की। के पश्चात सभी पत्रकार बंधुओं को कथा व्यास जी द्वारा अंग वस्त्र पहना कर सम्मान किया गया