बुंदेला विद्रोह" नाटक से याद किया बुंदेलखंड के भूले बिसरे क्रांतिकारियों को

May 19 2022

बुंदेलखंड में अतीत काल से ही आजादी की रक्षा के लिए वीर योद्धाओं और वीरांगनाओं की परंपरा रही है । उन योद्धाओं- वीरांगना ने बलिदान देकर अपने रक्त से बुंदेली आंचल को सींचा है , जिनमें से कई के नाम तो विश्व प्रख्यात हो चुके हैं जो प्रमुख थे लेकिन उनका क्या जिन्होंने निस्वार्थ भाव से मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया  1857 की क्रांति से पहले जो बुंदेला विद्रोह हुआ था उन्हें क्रांतिकारियों को कोई नहीं जानता यहां तक कि बुंदेलखंड के कई लोग भी इनसे परिचित नहीं है बुंदेला विद्रोह में भाग लेने वाले प्रमुख क्रांतिकारी हमीरपुर के दीवान शत्रुघ्न, पंडित पपरमानंद, स्वामी ब्रह्मानंद,  राम गोपाल गुप्ता,  बांदा के लक्ष्मी नारायण अग्निहोत्री, पंडित रुद्रदेव शर्मा, कालूराम वैद्य, गोपीनाथ दनादन आदि प्रमुख है। आपने बुंदेली आन बान शान के लिए स्वयं को न्योछावर किया, आपने बुंदेलखंड के गौरव पर कभी आंच नहीं आने दी, बुंदेला विद्रोह में बढ़ चढ़कर भाग लिया और हंसते-हंसते बलिदान की बेड़ियों पर चढ़ गए । आज उन सभी क्रांतिकारियों को याद करते हुए उनके बलिदान पर बुंदेला विद्रोह नाम से नाटक लिखा गया जो बुंदेलखंड के बलिदानों पर आधारित है ।  आप सभी दिवंगत आत्माओं के महान कार्यों से वर्तमान की पीढ़ियों को प्रेरणा मिलेगी