जिसकी मौत पर पत्नी ने चूडिय़ां फौड़ी, सिंदूर मिटाया वो लौट आया जिंदा

May 06 2022

ग्वालियर। एक अजब और गजब किस्सा सामने आया है। यहां 24 घंटे पहले जिस बेटे को मृत मानकर अंतिम संस्कार किया गया था। जिसकी पत्नी ने सुहाग की निशानी चूडिय़ां और माथे का सिंदूर मिटाया था उसके सामने पति जिंदा आकर खड़ा हो गया। यह दृश्य देखकर पूरा परिवार हैरत में पड़ गया। क्योंकि कुछ ही मिनट बाद उसकी अस्थियां (फूल) उठाने के लिए परिवार श्मशान घाट जा रहा था।
जिसकी मौत को पुलिस रजिस्टर में चढ़ाकर जांच कर रही थी उसके जिंदा निकलने का पता चलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और अफसरों ने जांच शुरू की है। इसके बाद कहानी पूरी तरह बदल गई है। पर पुलिस के सामने इस सवाल का अभी भी जवाब नहीं मिला है कि जिसका अंतिम संस्कार हो गया है वह कौन था?
यह है पूरा मामला
दो दिन पहले महाराज बाड़ा स्थित लेडीज पार्क में एक युवक की लाश मिली थी। लाश मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मृतक की शिनाख्त ना होने पर उसका फोटो सोशल मीडिया पर वायरल किया। साथ ही शव को डेड हाउस में रखवा दिया। जिससे उसकी शिनाख्त हो सके। गत रोज इंदरगंज के नौगजा रोड निवासी रोहित कुशवाह के परिजन कोतवाली थाने पहुंचे और शव की शिनाख्त अपने बेटे रोहित के रूप में की। रोहित दस दिन से लापता था और जब उसका कुछ पता नहीं चला तो वह हताश हो गए थे। तभी एक पड़ोसी ने रोहित से मिलली जुलती लाश मिलने की सूचना दी। सोशल मीडिया को वायरल पोस्ट भी दिखाया। जब परिवार डेड हाउस पहुंचा तो देखा कि जो लाश रखी है उसका एक हाथ और पैर खराब है। रोहित का भी एक हाथ और पैर खराब था। चेहरा काफी बेकार हो गया था लेकिन कद काठी और हुलिया हुबहू मैच कर रहा था। इस पर परिवार न ेउसकी पहचान रोहित के रूप में की। इसके बाद मृतक का पीएम कराने के बाद परिजन शव को लेकर घर पहुंचे। यहां रोहित के शव पर उसकी पत्नी ने रोते हुए सुहाग की निशानी चूडिय़ां फोडी और सिंदूर मिटाया। फिर शव को मुक्तिधाम ले जाकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया। अभी तक सब कुछ सही जा रहा था।
शुक्रवार सुबह रोहित के परिजन मुक्तिधाम में उसके फूल (अस्थियां) उठाने के लिए निकले और अभी कुछ ही दूरी पर पहुंचे तो पता चला कि जिसके फूल उठाने के लिए वह मुक्तिधाम जा रहे है वह तो जीवित है। रोहित अपनी ससुराल पहुंचा था। इसका पता चलते ही परिजन ससुराल पहुंचे और रोहित को जीवित देख कर अंंचभे में पड़ गए, कि जिसका अंतिम संस्कार किया है वह कौन है।
रोहित कुशवाह ने बताया कि वह गिरवाई में बेपुरा माता के मंदिर पर दर्शन करने गया था। रात ज्यादा हो गई थी इसलिए वहीं रुक गया था जब मेरे रिश्तेदार ने मुझे बताया कि तुम्हें मरा हुआ समझकर पर घरवालों ने किसी और के शव का अंतिम संस्कार कर जला दिया है। यह सुनकर मैं भी चौक गया हूं जब मैंने उस शव का फ़ोटो देखा में भो धोखा खा गया था, क्योंकि वह बिल्कुल मेरे जैसा दिख रहा है। मुझे डर लग रहा है। कि मुझे मरा समझकर घरवालों ने किसी और को जला दिया है लेकिन मुझे जिंदा देखकर मेरे परिवार वाले बहुत खुश हैं।
24 घंटे में बेटे की मौत का दर्द और फिर जिंदा होने की मिली खुशी
रोहित के पिता घनश्याम कुशवाह कहना है कि गुरुवार को हमने अपने बेटे रोहित का शव समझ कर उसका अंतिम संस्कार कर दिया था। शुक्रवार सुबह हम उसके फूल उठाने जा रहे थे। तभी उसके ससुराल वालों ने बताया कि वह गिरवाई में एक मंदिर पर बैठा हुआ है। यह सुनकर जब हमने पता किया तो वह जिंदा मंदिर पर बैठा हुआ था हमने जिस बॉडी की जांच की थी वह बॉडी बिल्कुल मेरे बेटे रोहित से मिल रही थी लेकिन अब मेरा बेटा जिंदा मिल गया है इसलिए मुझे और मेरे परिवार को बहुत खुशी हो रही है इसकी जानकारी हमने पुलिस को दे दी है।