खुशियों की दास्तां-कोसाबाई अब बिना किसी चिंता के काम पर जाती हैं

May 04 2022

ग्वालियर। कोसाबाई अपने छोटे-छोटे बच्चों को झोंपड़ीनुमा घर में छोड़कर काम पर जाती थी। जब भी तेज आँधी के साथ बरसात होती तो उनका काम में बिल्कुल भी मन नहीं लगता। कोसाबाई सोचा करती कि काश पक्का घर होता तो वह बच्चों को लेकर निश्चिंत रहती और मन लगाकर काम भी कर पाती। मगर पक्का घर बने तो कैसे। मेहनत मजदूरी से जो मिलता उससे तो दो बच्चों और उनकी दो जून की रोटी का इंतजाम ही हो पाता। पर अब कोसाबाई का पक्का घर बन गया है। 
ग्वालियर जिले के विकासखण्ड डबरा के ग्राम बीजकपुर निवासी श्रीमती कोसाबाई बघेल के पति ख्यालीराम बघेल का लम्बी बीमारी के बाद निधन हो गया। दो छोटे-छोटे बच्चों को संभालने की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पर आ गई। पिछड़ा वर्ग से ताल्लुक रखने वाली कोसाबाई बड़े जीवट की महिला निकली। उन्होंने खुद को संभाला और बकरी पालन व मेहनत मजदूरी कर बच्चों का जीवन संभालने में जुट गई। सरकार द्वारा दी जा रही विधवा पेंशन से भी कोसाबाई को बड़ा संबल मिला। वह दिन-रात बस एक जुगत में रहती कि कैसे भी पक्का घर बन जाए। पर कड़ी मेहनत के बावजूद इतना धन नहीं जुटा पा रही थी जिससे पक्का घरौंदा बन सके। ऐसे में प्रधानमंत्री ग्रामीण अवास योजना उनके लिये वरदान बनकर सामने आई। 
कोसाबाई एक दिन बकरियाँ चराने के लिए घर से निकल रहीं थी। तभी गाँव के कुछ लोगों ने आकर उनसे कहा कोसाबाई तुम्हारे लिए पक्का घर मंजूर हो गया है। यह सुनकर उन्हें एक बारगी भरोसा ही नहीं हुआ। मगर किस्मत उनका दरवाजा खटखटा चुकी थी। बीजकपुर ग्राम पंचायत के सचिव ने उन्हें भरोसा दिलाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत सरकार ने आपके लिये आवास स्वीकृत किया है। कोसाबाई तो खुशी से झूम उठी और बकरियों को चराने के लिये जंगल ले जाना भूल गईं। वह दुकान से रवा और शक्कर लेकर आई और अपने बच्चों के लिये मीठा-मीठा हलवा पकाया। बच्चे जब खेलकर लौटे तो कोसाबाई हलवा लिए दरवाजे पर ही खड़ी मिली। बच्चों ने जब इसकी वजह पूछी तो वह बोलीं अब जल्द ही अपना पक्का घर बनेगा।
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना से झोंपड़ी के स्थान पर कोसाबाई ने अपने सपनों के घर को साकार किया है। लगभग एक लाख 45 हजार रूपए की लागत से यह मकान बना है। अपने घर में बेलदारी का काम कोसाबाई ने खुद किया। जिसके लिये उसे 15 हजार रूपए की मजदूरी भी मिली। इतना ही नहीं उन्हें सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत नि:शुल्क चूल्हा व सिलेण्डर सहित रसोई गैस, बिजली व पानी का कनेक्शन, शौचालय, समृद्ध पर्यावास के तहत वाटर हार्वेस्टिंग किट दी है व पाँच पौधे लगवाए हैं। बीपीएल राशन कार्ड भी बना है, जिससे उन्हें नि:शुल्क राशन मिल जाता है। चाहे तेज आँधी हो या फिर तेज बारिश, कोसाबाई अब चिंता किए बगैर अपने काम पर जाती हैं।