दस्त से शरीर पस्त, पसीने से त्वचा हो रही संक्रमित- 200 मरीज पहुंच रहे ओपीडी में

Apr 29 2022

ग्वालियर। सूरज की तपिश के साथ लू के थपेड़ों ने अंचलवासियों को बेहाल कर रखा है। रोजाना बेकाबू हो रहे पारे की मार व बिगड़ेल मौसम में खानपान में जरा सी बरती गई लापरवाही लोगों पर भारी पड़ रही है। इन दिनों तीस फीसदी लोग उल्टी-दस्त की चपेट में आने से इलाज कराने को मजबूर हंै। वहीं, भीषण गर्मी में बाहर निकलने पर अत्यधिक पसीना बॉडी से निकलने से त्वचा में फंगल संक्रमण (इंफेक्शन) से पीडि़त मरीज अधिक संख्या में सामने आ रहे हैं।
उल्टी-दस्त व त्वचा संक्रमण से पीडि़त मरीज जेएएच से लेकर मुरार व सिविल हॉस्पीटल की ओपीडी में बड़ी संख्या में इलाज कराने पहुंच रहे हैं। अंचल के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल जयारोग्य के मेडिसन विभाग में पदस्थ प्रोफेसर डॉ. अजय पाल ङ्क्षसह का कहना है कि गर्मी में खानपान में लापरवाही लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है। उल्टी दस्त से बेहाल होकर मरीज आ रहे हैं, उन्हें वायरल डायरिया और बैक्टीरियल इंफेक्शन निकल रहा है। लापरवाही बरतने से शरीर में पानी की कमी होने से किडनी पर भी असर पड़ सकता है।
वहीं दिन व रात के पारे में बढ़ोतरी होने का असर लोगों की त्वचा पर पड़ रहा है। जयारोग्य के त्वचा रोग विभाग के एचओडी डॉ.अनुभव गर्ग ने बताया कि गर्मी में पसीने की वजह से खुजली, दाद और फंगल इंफेक्शन के मरीज इन दिनों इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इन रोगों से पीडि़त मरीजों की संख्या बीते बीस दिनों में ही दोगुनी से अधिक हो गई है। डॉ.गर्ग ने बताया कि ओपीडी में सबसे ज्यादा सन बर्न के मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। साथ ही लोगों के शरीर के खुले हुए हिस्से जैसे हाथ-गर्दन व चेहरे पर अधिक परेशानी मरीजों को इस गर्मी से हो रही है, साथ ही शरीर पर लाल-सफेद चकत्ते से पीडि़त मरीज इलाज कराने आ रहे हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
गर्मी में बाहर निकलें तो पानी साथ रखें और थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहें। धूल और खुले में रखी चीजों का सेवन न करें। बाहर खुले में रखे कटे और सड़े-गले फलों का सेवन न करें। उल्टी दस्त आने पर चीनी, नींबू और चुटकी भर नमक का घोल पीते रहें। बासी भोजन न खाएं। फ्रिज में रखा ठंडा दूध भी बच्चों को न पिलाएं। जब भी घर से बाहर निकलें तो शरीर पर कॉटन के ढीले कपड़े पहन कर ही बाहर निकलें।