गुरु तेग बहादुर का 400वां प्रकाश पर्व 1 को

Apr 29 2022

ग्वालियर। ंिहंद की चादर मानवता के रक्षक गुरु तेग बहादुर साहेब का 400वां प्रकाश पर्व देशभर में धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। ग्वालियर में गुरु तेग बहादुर का प्रकाश पर्व 1 मई को धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। प्रकाश पर्व पर लाइट एंड साउंड कार्यक्रम के माध्यम से गुरु तेग बहादुर के जीवन से परिचय कराया जाएगा। गुरु तेग बहादुर साहेब का प्रकाश पर्व जीवाजी यूनिवर्सिटी के अटल सभागार में मनाया जाएगा। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सांस्कृतिक एवं पर्यटन मंत्री ऊषा ठाकुर और प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट होंगे। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति कुलदीप चंद्र अग्निहोत्री होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता दाताबंदी छोड़ गुरुद्वारा के बाबा सेवा सिंह करेंगे।
विशिष्ट अतिथि दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष और पूर्व विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा होंगे। कार्यक्रम का आयोजन श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी 400वां प्रकाश पर्व आयोजन समिति और पंजाबी साहित्य अकादमी द्वारा कराया जा रहा है। कार्यक्रम अटल सभागार में शाम 5.30 बजे से आयोजित किया जाएगा। 
समिति के हरविंदर सिंह ने बताया कि इस तरह का कार्यक्रम शहर में पहली बार आयोजित किया जा रहा है। गुरु देग बहादुर साहेब के प्रकाश पर्व पर पटियाला के 25 कलाकारों की टीम ग्वालियर आएगी और लाइट और साउंड कार्यक्रम प्रस्ुतत करेगी। यह कलाकार लाइट एंड साउंड के माध्यम से गुरु तेग बहादुर साहेब की महिमा का बखानकरेंगे। लाइट एंड साउंड कार्यक्रम शाम 6 बजे से शुरू होगा। यह कार्यक्रम दर्शक एलईडी के माध्यम से भी देख सकेंगे।
देश भर में आयोजित हो रहे हैं कार्यक्रम
गुरु तेग बहादुर साहेब के प्रकाश पर्व पर अटल सभागार में दोपहर & बजे से सुखमनि साहेब का पाठ होगा। यह पाठ शाम 5.&0 बजे तक चलेगा। इसके बाद मुख्य कार्यक्रम की शुरुआत होगी। उल्लेखनीय है कि गुरु तेग बहादुर साहेब के प्रकाश पर्व पर देशभर में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अगले हफ्ते भोपाल में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। पिछले दिनों डबरा में कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
गुरु तेग बहादुर का साहेब सिखों के नौंवे गुरु थे। उनका बचपन का नाम त्यागमल था। उन्होंने मात्र 14 साल की उम्र में अपने पिता के साथ मिलकर मुगलों के खिलाफ जंग लड़ी थी। 24 नवंबर 1675 को भीड़ के सामने औरंगजेब ने उनकी हत्या कर दी थी। मुगलों के खिलाफ बहादुरी से लडऩे के कारण वे तेग बहादुर के नाम से विख्यात हुए। तेग बहादुर का मतलब होता है तलवार का धनी। वे कश्मीर में हिंदुओं को जबरन मुस्लिम बनाने के घोर विरोधी थे। दिल्ली का मशहूर गुरुद्वारा शीशगंज साहिब जहां है उसी स्थान पर उनकी शहादत हुई।