प्यार करना गलत नहीं है, लेकिन अपना धर्म व पहचान छिपाकर प्यार करना गलत-तिवारी

Apr 26 2022

ग्वालियर। द कन्वर्जन फिल्म के माध्यम से केवल बेटियों का सही मार्गदर्शन करना है और फिल्म किसी समुदाय को निशाना नहीं बना रही है। 6 मई को यह फिल्म देश के करीब 600 मल्टीफ्लेक्स थियेटर में दिखाई जाएगी, लेकिन इस फिल्म के लिए सेंसर बोर्ड से प्रमाणपत्र लेने में मुश्किलें आईं। यह बात फिल्म के निर्माता विनोद तिवारी ने फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि लव जिहाद समाज में समस्या है, हालांकि वे भी पहले इसे नहीं मानते थे, लेकिन जब कुछ घटनाएं आईं तो उन्हें सच्चाई का पता चला। प्यार करना गलत नहीं है, लेकिन अपना धर्म व पहचान छिपाकर प्यार करना गलत है। इस फिल्म में भी किसी समुदाय को निशाना नहीं बनाया गया है, लेकिन समस्या को जरूर उठायागया है। हालांकि फिल्म को सेंसर बोर्ड से पास कराने में बहुत प्रयास करने पड़े, क्योंकि बोर्ड को हिंदू, सनातन और हिंदू सभा जैसे शब्दों पर आपत्ति थी, जिन्हें फिल्म से हटाया भी गया। कई तथ्य सेंसर बोर्ड के सामने रखे, इसके बाद फिल्म को अनुमति मिली। बोर्ड ने पहले तो फिल्म के प्रदर्शन को मना कर दिया था।
उन्होंने कहा कि लव जिहाद शब्द को केरल हाईकोर्ट ने भी माना और अब तो कुछ राज्यों में कानून भी बनाए गए हैं। फिलहाल फिल्म को यूए प्रमाणपत्र मिला है और 6 मई से यह फिल्म शुरुआत में 600 मल्टीफ्लेक्स थियेटर में दिखाई जाएगी, जिसके बाद में एक हजार स्क्रीन तक हो सकते हैं।