मंदिर में भगवान को नहीं, अपने आपको को निहारो और चिंतन करो: मुनिश्री

Apr 13 2022

ग्वालियर। अपने जीवन को सुखमय और शांतिमय बनाने के लिए उस द्वार को बंद करो जहां से दु:ख आ रहा है। गलत दृष्टिकोण होने के कारण गलत दरवाजा बंद नहीं हो पाता। अपने भीतर चिंतन करे तो व्यक्ति तर जाएगा। यह विचार मुनिश्री विहसंत सागर ने बुधवार को नई सड़क स्थित चंपाबाग धर्मशाला में धर्मसभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
मुनिश्री ने कहा कि आज के मानव के लिए ये पंक्तियां उपयुक्त हैं कि जिंदगी भर भूल मैं ये करता रहा, दाग चेहरे पर था और साफ आइना करता रहा। दर्पण को देखना और दर्पण में देखना, इसमें अंतर करना जानो। उन्होंने कहा, कि पाप के माध्यम से अशुभ कर्मों का आगमन होता है। जब किसी की आंख में दूसरे के दुख देखकर आंसू आने लगे तो समझना उसके द्वारा धर्म हो रहा है। किसी भी स्थिति में रहकर धर्म ध्यान किया जा सकता है। चाहे घर हो, दुकान हो, ऑफिस हो, सफर हो, आप कहीं भी धर्म कर सकते हो। ऐसा करने पर एक नए प्रकार के जीवन का संचार हो सकेगा। उन्होंने कहा कि यदि हमने गुरु का नाम स्पष्ट नहीं किया तो धर्म पथ पर कदम नहीं रख सकते। दो नाव की सवारी करेंगे तो बेड़ा पार नहीं होगा। जिस प्रकार गाय दिन भर घूम कर वापस शाम को अपने घर ही लौटती है। गुरू पर अटूट श्रद्धा रखें। श्रद्धा ही ज्ञान, चरित्र की नींव होती है। प्रवचन से पहले भोपाल से आए ब्रह्मचारी पुण्यांश भैय्या व  अरुण भैया, प्रियंका शाक्य ष्टश्वह्र जिला सहकारिता ने मुनिश्री को श्रीफल भेंटकर मंगल आशीर्वाद लिया। संचालन ज्योतिचार्य हुकुमचंद जैन ने किया।
महावीर जंयती महोत्सव समिति एवं अखिल जैन समाज वृहत्तर ग्वालियर के तत्वाधान में मेडिटेशन गुरू मुनिश्री विहसंत सागर महाराज एवं मुनिश्री विश्वसूर्य सागर महाराज संसघ के सानिध्य में 14 अप्रैल को प्रात-7 बजे से दौलतगंज जैन मदिर से मेडिटेशन गुरु मुनिश्री विहसंत सागर महाराज, विश्वसूर्य सागर महाराज ससंघ के सानिध्य में जैन धर्म के 24 वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी 2621 वे जन्मकल्याणक महोत्सव पर देव, शास्त्र, गुरू की विशाल रथयात्रा प्रारंभ होगी। 
जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि महावीर जन्मकल्याणक पर रथयात्रा दोलतगंज जैन मंदिर से शुरू होकर फालक बाजार, राममन्दिर, गस्त का ताजिया डीडवाना ओली, सराफा बाजार, जीवाजी चैक, माधवगंज, मोर बाजार, दाना ओली से नई सडक स्थित चंपाबाग बगीची पहुचेगी। जगह जगह जैन समाज के लोगा स्वागत गेट लगाकर मुनिश्री एवं रथ मे विराजमान भगवान महावीर स्वामी की भव्य आरती उतारेगे। रथयात्रा में झांकिया, डीजे, समाज की अलग अलग शाखाओ की महिलाओ के द्वारा डाडिया नृत्य होगा। शोभायात्रा कार्यकाम स्थल चंपाबाग बगीची पर पहुचने पर भगवान महावीर स्वामी के कलशअभिषेक के उपरांत मुनिश्री के मंगल प्रवचन होगे।
14 अप्रैल को शाम 6 बजे से महाराज बड़े प्रभु गुणगान महोत्सव मेले का आयोजन किया जाएगा। जिसमे मुनिश्री विहसंत सागर महाराज के आशीष वचन के साथ 1008 दीपो से महाआरती, 20 फुट ऊंचे मंच पर भगवान महावीर का पालना लगाया जाएगा। बाहर मुंबई से सगीतकरो की एक शाम महावीर के नाम भजन सांध्य, 2621 दीपक प्रज्वलित बैको की सीढिय़ों पर संस्थाओ के द्वारा होंगे। झांकिया के साथ चारो बिडिंग पर रंग बिरंगी लाइटिंग लगेंगी।