जेेयू में व्याप्त समस्याओं को लेकर अभाविप ने किया प्रदर्शन

Apr 05 2022

ग्वालियर। अभाविप ग्वालियर के बिनोद कुशवाह ने बताया कि  मंगलवार को जीवाजी विश्वविद्यालय में विभिन्न प्रकार की समस्याओं को लेकर ज्ञापन दिया है। 
ज्ञापन के द्वारा बताया गया कि विगत वर्षों में फिजिकल विभाग के प्रोफ़ेसर रिटायर हो गए थे, तथा छात्र हित में प्रतिनियुक्ति के आधार पर शासन द्वारा 8 प्राध्यापक आगामी आदेश तक के लिए नियुक्त किए गए थे। किंतु विश्वविद्यालय ने उन्हें रिलीफ कर दिया है, जिस कारण फिजिकल विभाग प्राध्यापक विहीन हो गया है। विद्यार्थी परिषद यह मांग करता है के छात्र हित में उन्हें पुन: बहाल किया जाए। ताकि छात्रों के एकेडमिक पर असर ना पड़े तथा फिजिकल विभाग के विभागाध्यक्ष एक स्पोर्ट्स प्राध्यापक ही बनाया जाए। आर्ट सब्जेक्ट के प्राध्यापक को फिजिकल विभाग का विभागाध्यक्ष बनाया जाना तर्कसंगत नहीं है। जोकि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
साथ ही विश्वविद्यालय के डीसीडीसी विभाग द्वारा प्रत्येक वर्ष कॉलेजों का निरीक्षण कराया जाता है। किंतु इस वर्ष निरीक्षण नहीं कराया गया हैं। ऐसे कई कॉलेज विद्यार्थी परिषद के ध्यान में आते हैं जहां वांछनीय सुविधाएं नहीं है। जो किसी कॉलेज में अनिवार्य तौर पर होना चाहिए। डीसीडीसी हेड द्वारा निरीक्षण न कराया जाना अंडर टेबल कॉलेजों से डीसीडीसी विभाग द्वारा तालमेल होने की ओर इशारा करता है। नए सत्र प्रारंभ होने से पहले सभी कॉलेजों का निरीक्षण कराया जाए अन्यथा विद्यार्थी परिषद स्वयं निरीक्षण करने एवं विश्वविद्यालय के खिलाफ धरना प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगा। जिसकी समस्त जिम्मेदारी विश्वविद्यालय की होगी।
विश्वविद्यालय में ऐसे कई विभाग हैं जहां यूजी पाठ्यक्रम संचालित हैं। किंतु उनके पीजी पाठ्यक्रम अभी तक प्रारंभ नहीं किए गए हैं। ऐसे अनेकों छात्र स्नातक करने के उपरांत उस विषय में स्नातकोत्तर का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। विश्वविद्यालय में लैब असिस्टेंट के पद पर कई कर्मचारी नियुक्त किए गए थे। ताकि विश्वविद्यालय की लैब सुचारू रूप से चल सकें और विद्यार्थी इसका लाभ ले सकें। किंतु विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा इनका उपयोग लैब मैं ना लेते हुए अन्य क्लरिकल लाभ के पद पर ले रहा है। जल्द से जल्द इन्हें इनकी मूल लैब स्थानों पर ट्रांसफर किया जाए।
प्राय देखा गया है कि कई कर्मचारी चाहे वह स्थाई, अस्थाई  या सर्विस प्रोवाइडर ही क्यों ना हो। एक ही स्थान पर कई वर्षों से जमे हुए हैं और अपने दायित्व को ठीक से नहीं निभाते हुए भ्रष्टाचार में लिप्त हैं साथ ही विद्यार्थियों के साथ अभद्रता का व्यवहार करते हैं। जिन कर्मचारियों को 3 वर्ष से अधिक एक स्थान पर हो गए हैं उन्हें अतिशीघ्र रोटेट किया जाए।
विश्वविद्यालय के हॉस्टल मे पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है। भीषण गर्मी को देखते हुए अति शीघ्र वाटर कूलर की व्यवस्था की जाए, छात्रों के लिए न्यूजपेपर की व्यवस्था की जाए, हॉस्टल में रहने वाले छात्रों से माह के आधार पर हॉस्टल चार्ज लिया जाए। जो छात्र कोरना काल के बाद मार्च से रहना प्रारंभ कर रहे है। उनसे दिसंबर माह से हॉस्टल चार्ज लिया जा रहा है जो न्याय संगत नहीं है इसे तुरंत संज्ञान में लिया जाए।
विश्वविद्यालय के समस्त सहायक कुलसचिव अपने विभाग के समक्ष बैठने चाहिए। डुप्लीकेट मार्कशीट में शपथ पत्र की कोई आवश्यकता नहीं होती तो तत्काल प्रभाव से इसको बंद किया जाना चाहिए। विश्वविद्यालय में लगा वाईफाई जो कि छात्रों के लिए है जिसका खर्च 25 लाख सालाना है लेकिन छात्र को इसका लाभ लेने के लिए बड़ी मशक्कत करनी पड़ती है विश्वविद्यालय का वाईफाई रेलवे की तर्ज पर किया जाए। विश्वविद्यालय जुड़े सारे कॉलेजों की सभी संक्कायो की परीक्षा चल रही है फिर भी विश्वविद्यालय ने नकल उडऩदस्ता सिर्फ कागजों में बनाया है अभी तक कोई भी कॉलेजों में पहुंचा ही नहीं है। नर्सिंग घोटाले की वाली रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए विश्वविद्यालय क्या दोषियों पर कार्रवाई करने से बचना चाहता है। दूसरे विश्वविद्यालयों को तर्ज पर देखा जाए तो जीवाजी विश्वविद्यालय छात्रों से अधिक फीस वसूलता है। उपरोक्त माँगो का निराकरण 7 दिन में किया जाए  अन्यथा अभाविप उग्र आंदोलन को बाध्य होगी।