वास्तविक क्षमताओं को पहचान कर अपनी दिशा तय करें-अमित सांघी

Apr 04 2022

ग्वालियर। पुलिस परिवारों के 10वीं व12वीं परीक्षा के अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे बच्चों की एसएसपी अमित सांघी की मौजूदगी में पुलिस लाइन के सामुदायिक भवन में काउंसिलिंग की गई। आइएएस व आइपीएस अधिकारियों ने बच्चों को सफलता का मंत्र बताते हुए कहा कि आपका लक्ष्य स्पष्ट होना चाहिए और फिर उस पर फोकस करें। जिससे सफलता 100 प्रतिशत मिलेगी। आइएएस आशीष तिवारी, आइपीएस अभिनव चौकसे, सियाज केएम व सीईओ केंट अली मोहम्मद ने बच्चों के साथ करिअर से जुड़े अनुभव साझा किए। भारतीय प्रशासनिक व पुलिस सेवा के अधिकारियों ने छात्रों को बताया कि कैसे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करें और तनाव से मुक्त रहें।
एसएसपी अमित सांघी ने बताया कि सबसे पहले अपनी क्षमताओं की पहचान और उसका आकलन करें कि हम क्या कर सकते हैं। हमारी रूचि किस में है, उसके बाद अपना लक्ष्य निर्धारित करें। सफलता का मूलमंत्र यही है कि हर पल का सदुपयोग करें। अधिकारियों ने छात्रों को सर्वश्रेष्ठ शिक्षण संस्थाओं की जानकारी देते हुए उनमें प्रवेश की प्रक्रिया की भी जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि वे सिविल सर्विसेज, इंजीनियरिंग, मेडिकल, बैंकिंग, कानून, अकाउंट व होटल मैनेजमेंट में भी अपना करिअर बना सकते हैं। 
आइएएस आशीष तिवारी ने छात्रों को बताया कि मैंने पढ़ाई हिंदी मीडिमय से की। उसके बाद आइआइटी की तैयारी की। जिसमें मेरा चयन नहीं हुआ, लेकिन इसके बाद भी मैं हताश व निराश नहीं हुआ। इसके बाद मैंने प्राइवेट नौकरी की। उसके बाद नौकरी से ब्रेक लेकर यूपीएससी की तैयारी की। जिसमें मैंने छठवीं रैंक प्राप्त की।
आइपीएस सियाज ने छात्रों को बताया कि मेरा यूपीएससी में छठवें प्रयास में चयन हुआ। मैंने प्राइवेट सेक्टर में नौकरी भी की, लेकिन अपने लक्ष्य को अपनी नजरों से किसी सूरत में ओझल नहीं होने दिया। असफलता से घबराना नहीं हैं। 
सीईओ कैंट अली मोहम्मद ने छात्रों से अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सातवीं कक्षा में उन्हें क्लास से बाहर कर दिया गया था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। इसके बाद मैंने पढ़ाई में अपनी रूचि को बढ़ाया। इसके बाद मेरा यूपीएससी में चयन हुआ। आप लोग भी मन में ठान लें तो कुछ भी कर सकते हैं। हमेशा अपनी सोच सकारात्मक रखें। आपकों एकदिन सफलता जरूरी मिलेगी। इस दौरान अधिकारियों ने छात्रों के सवालों के जवाब देकर यूपीएसपी परीक्षा संबंधी उनकी भ्रांतियों को भी दूर किया।
आइपीएस अभिनव चौकसे ने छात्रों का मार्गदर्शन करते हुए बताया कि मैंने आइआइटी में प्रवेश लेने के बाद यूपीएससी की तैयारी की। क्योंकि मुझे स्वयं पर भरोसा था कि मैं प्रशासनिक अधिकारी बन सकता हूं और मैंने सफलता प्राप्त की। उन्होंने छात्रों को बताया कि हमें हमेशा अपने सोचने की क्षमता को निरंतर विकसित करते रहना चाहिए। हमें 12वीं तक अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि बेसिक ही प्रतियोगिता में काम आता है। उसके बाद लक्ष्य तय कर गंभीरता से उसे प्राप्त करने के प्रयास करना चाहिए। असफलता से कभी निराश नहीं होना चाहिए।