अपराजिता का गनगौर महोत्सव का रंगारंग कार्यक्रम आयोजित

Apr 03 2022

ग्वालियर। समाजिक संस्था अपराजिता का गनगौर महोत्सव का सांस्कृतिक आयोजन को बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। इस आयोजन की संयोजिका रिचा नगरिया, पिंकी नगरिया, बबीता गुप्ता, नीलाम रावत थी। इन्होंने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए बताया कि ग्वालियर की समाजिक संस्था अपराजिता का प्रथम प्रयास गनगौर महोत्सव था। यह आयोजन राज भोग रेस्टोरेंट सिटी सेंटर में आयोजित किया गया। 
इस आयोजन में महिलाओं के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थी। जैसे इसमें आटे और बेसन के गहने बनाओं प्रतियोगिता, गनगौर क्वीन, ट्रेडिशनल डांस प्रतियोगिता, हाऊजी, मेहंदी लगे हाथ, सरप्राइज़ गेम और इस आयोजन में भाग लेने वाली सभी महिलाओं को ट्रेडिशनल ड्रेस में ही आना कंपलसरी था। इन सभी प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल में दीप्ति निगोतिया उपस्थित थी।
अखंड सुहाग और सौभाग्य की कामना के लिए आज होगी गणगौर की पूजा
अखंड सौभाग्य के लिए गणगौर तीज का व्रत किया जाएगा। चैत माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया को गणगौर तीज का व्रत रखते हैं। भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा विधि विधान से की जाती है। गण का अर्थ भगवान शिव एवं गौर का अर्थ माता पार्वती से है। इस दिन सुहागन महिलाएं एवं विवाह योग कन्या व्रत रखती हैं। विवाहित महिला अपने पति की लंबी आयु एवं सुखी वैवाहिक जीवन के लिए व्रत रखती हैं। जबकि विवाह योग कन्या मनपसंद वर या जीवनसाथी की कामना से गणगौर तीज का व्रत रखती हैं। ज्योतिषाचार्य डॉ. सतीश सोनी के अनुसार गणगौर व्रत महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, कुशलता, और सुखद वैवाहिक जीवन के लिए रखती हैं। इस व्रत को करने से घर में सुख शांति समृद्धि और संपाि प्राप्त होती है। गणगौर तीज पर प्रीति योग के साथ रवि योग रहने से इस व्रत की श्रेष्ठता और बढ़ रही है।