बंद रहे निजी क्लीनिक और हॉस्पीटल, मरीज परेशान

Apr 01 2022

ग्वालियर। राजस्थान के दौसा कस्बे में गायनिक डॉक्टर अर्चना शर्मा के निधन के विरोध स्वरूप शुक्रवारको जिले में संचालित होने वाले निजी क्लीनिक व हॉस्पीटल इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर सुबह से ही बंद है। निजी अस्पतालों में केवल इमरजेंसी सेवाएं ही दी जा रही है। घटना के विरोध के चलते क्लीनिक व हॉस्पीटल बंद होने के कारण सैकड़ों ऐसे मरीज जो शहर के बाहर से चिकित्सकों को मर्ज दिखाने उनके निजी क्लीनिकों में पहुंचे थे उन्हें बिना इलाज के ही वापस लौटना पड़ा। निजी क्लीनिक व प्राइवेट हॉस्पीटलों में ओपीडी संचालित नहीं होने के कारण अंचल के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल जयारोग्य सहित मुरार व सिविल हॉस्पीटल की ओपीडी शुक्रवार सुबह से ही मरीजों से ओवरलोड दिखी। सरकारी ओपीडी पहुंचे मरीजों को घंटों लाइन में लगने के बाद ही इलाज मिल सका।
ग्वालियर आईएमए की अध्यक्ष डॉ. प्रियंवदा भसीन ने बताया कि दौसा में गायनिक डॉक्टर की मौत की घटना पर शोक प्रकट करने व दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तत्काल करने को लेकर सभी डॉक्टर्स के संगठनों ने  शुक्रवार क ी सुबह छह बजे से रात्रि दस बजे तक जिले में संचालित हो रहे सभी निजी चिकित्सीय संस्थान व क्लीनिक बंद रखने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया है। गंभीर रोग से पीडि़त मरीजों के लिए प्राइवेट अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेंगी। वहीं सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर्स अपनी सेवाएं रोज की तरह ही दे रहे हैं।
डॉ प्रियंवदा भसीन व आईएमए सीडब्ल्यूसी के सदस्य डॉ. अशोक मिश्रा ने कहा कि डॉक्टर्स हमेशा मरीज की जान बचाने का अंतिम सांस तक प्रयास करते हैं, कई बार लाख कोशिशों के वाबजूद मरीज की जान बचा पाना संभव नहीं हो पाता है। उसके लिए डॉ?क्टरों पर दोषारोपण उचित नहीं है। इस दु:खद घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर जल्द से कार्रवाई कर दोषियों को दण्ड मिलना चाहिए।