90 दिन में शहर से चोरी और गुम हुए मोबाइल पुलिस ने खोजकर मालिकों को सौंपे

Mar 31 2022

ग्वालियर। पुलिस की सायबर सेल टीम ने एक बड़ी सफलता पाई है। बीते 90 दिन में चोरी या गुम हुए 102 मोबाइल बरामद किए गए हैं। जिनकी कीमत लगभग 18 लाख रुपए है। पर इन सबके बीच कुछ केस ऐसे भी निकल आए हैं जो कुछ हटके हैं। जैसे ग्वालियर के विशाल मेगा मार्ट में चोरी हुआ एक छात्रा का मोबाइल 76 दिन बाद केरल में चलता मिला। छात्रा ने मान लिया था कि अब यह उसे कभी वापस नहीं मिलेगा, लेकिन जब सायबर सेल से उसे कॉल गया और बताया कि उसका मोबाइल मिल गया है तो उसे यकीन ही नहीं हुआ।
पर सवाल यह है कि छात्रा का मोबाइल ग्वालियर के मेगामार्ट से केरल तक कैसे पहुंच गया। जो मोबाइल चलाता मिला उसका कहना था कि उसे केरल में ही पड़ा मिला है। उसी ने पुलिस को मोबाइल कोरियर कर भेजा है। इसी तरह एक सफाई कर्मचारी ने मेहनत कर एक-एक पैसा जोड़कर मोबाइल खरीदा पर दो महीने पहले वह चोरी हो गया। उसके बाद उसने मोबाइल ही नहीं खरीदा। अभी पुलिस से पता लगा उसका मोबाइल मिल गया है तो उसकी खुशी का ठिकाना ही नहीं रहा।
एसएसपी ऑफिस स्थित जिला सायबर सेल में काम करने वाले पुलिस कर्मियों व अफसरों की टीम ने वो कर दिखाया जो मुश्किल नजर आता था। बीते तीन महीने में शहर से खोए या चोरी गए 102 मोबाइल जो एप्पल, सैमसंग, सोनी, नोकिया, एमआई सहित अन्य बड़े ब्रांड के थे उनको ढूंढ़कर निकाला है। एसएसपी ग्वालियर अमित सांघी ने बताया कि यह चुनौतीभरा था, क्योंकि मोबाइल चोरी करने वाले उसे काफी क्लीन कर देते हैं। इसके बाद कुछ ही समय में वह इतने हाथों में बेचा जाता है कि चंद दिनों में कई किलोमीटर की दूरी तय कर लेता है। पर हमारी सायबर सेल की टीम लगातार इन चोरी या गुम हुए मोबाइल को ट्रैस करती रही। जिसके बाद यह सफलता मिली है। उस समय खुशी ज्यादा हुई जब बॉर्डर पर तैनात सेना के जवान का मोबाइल जो कुछ समय पहले उनके ग्वालियर छुट्टी पर आने के दौरान चोरी हुआ था वह मिला। वहां जवान को सूचना दी तो उसकी खुशी का ठिकाना ही नहीं था। ज्यादातर मोबाइल फोर्स के लोगों है।
कड़ी मेहनत और कई राज्यों में दबिश देकर वापस लाए मोबाइल
साइबर सेल की टीम ने यह कामयाबी ऐसे ही नहीं पाई है। 5 लोगों की टीम लगातार अल्ट्रानेट इन मोबाइल को सर्विलांस पर लगाकर जांच कर रही थी। जिस मोबाइल की कुछ भी डिटेल मिलती उससे अफसरों को अवगत कराकर पुलिस की टीम की मदद से उसे वापस लाया जाता। 60 मोबाइल तो मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों में ही मिल गए। शेष के लिए उत्तर प्रदेश, छत्तीसगण, राजस्थान व केरल तक जाना पड़ा।
बड़ागांव गुलाबपुरी निवासी 21 वर्षीय अंजली छात्रा है। 13 जनवरी को वह थाटीपुर विशाल मेगा मार्ट में शॉपिंग करने आई थी। जब वह मोबाइल रखकर ड्रेस खरीद रही थी तभी कोई उसका मोबाइल चोरी कर ले गया। काफी छानबीन पर भी मोबाइल नहीं मिला तो छात्रा ने एसएसपी ऑफिस में आकर शिकायत की थी। शिकायत करने के बाद अंजली का कहना था कि एक-एक दिन के साथ उसे यकीन हो गया था कि अब उसका मोबाइल कभी नहीं मिलेगा, लेकिन मोबाइल चोरी होने के 76 दिन बाद पुलिस का फोन आता है कि आपका मोबाइल मिल गया है उसे कन्ट्रोल रूम आकर ले जाएं। इस पर छात्रा की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। छात्रा का मोबाइल के बारे में बता दें यह केरल में चलता मिला था। जब सायबर टीम ने उसे ट्रैस किया तो उसे चलाने वाले का कहना था कि उसे यह सड़क पर मिला। इसके बाद उसने ही कोरियर कर वापस किया। पुलिस को आशंका है कि चोर ने मोबाइल किसी ऐसे व्यक्ति को दिया जो मजदूरी करता होगा। वह किसी काम के सिलसिले में केरल गया होगा। वहां उससे यह गिरा और इस युवक को मिला।
ग्वालियर के लक्ष्मीगंज निवासी प्रमोद सफाई कर्मचारी है। उसका मोबाइल 2 महीने पहले चोरी हुआ था वह भी मिल गया है। मोबाइल वापस लेते समय प्रमोद की आंखों में आंसु आ गए। उसका कहना था कि एक-एक रुपया जोड़कर उसने मोबाइल फाइनेंस कराया था। उसकी किश्त भी पूरी नहीं हुई थी। तभी मोबाइल चोरी हो गया। उसकी हिम्मत नहीं थी कि वह दूसरा मोबाइल खरीद सके। इसलिए वह बिना मोबाइल का था, लेकिन उसे नहीं पता था कि किस्मत ऐसे उसका फोन वापस करा देगी।