हर रोज मिलेगा पानी, चंबल से भी पानी लाया जाएगा-ज्योतिरादित्य

Mar 27 2022

ग्वालियर। केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रविवार को जलालपुर वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया है और वहीं से हर दिन पेयजल सप्लाई की घोषणा की है। पहले प्रतिदिन चार घंटे पानी दिया जाएगा फिर 24 घंटे सप्लाई होगी। सिंधिया ने कहा है कि पानी लोगों की जरुरत है।
1917 में ही ग्वालियर का विकास शुरू हो गया था। अब समय आ गया है कि ग्वालियर को रोज पानी दिया जाए। यहां सिंधिया ने देखा कि किस तरह मशीनों से वॉटर ट्रीटमेंट किया जा रहा है। इतना ही नहीं यहां सिंधिया ने ऑपरेटर से पूछ किया। यार मुझे भी सिखा तो यह मशीन चलाना। जिस पर वहां सभी हंसने लगे। फिर सिंधिया ने मशीन के बारे में पूरा समझा और ऑपरेट करने भी देखा।
केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया दो दिन के प्रवास पर ग्वालियर आए हैं। रविवार सुबह उन्होंने वर्चुअल गोरखपुर-वाणारसी फ्लाइट का शुभारंभ किया। इसके बाद वह जलालपुर स्थित वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट पर निरीक्षण करने पहुंचे। सिंधिया से पहले प्लांट पर वॉटर सप्लाई का काम देखा फिर वॉटर ट्रीटमेंट मशीन ऑपरेटर रूम में पहुंचे। यहां वॉटर ट्रीटमेंट मशीन को ऑपरेट कर रहे कर्मचारी से पूछा कि वह किस तरह काम करते हैं। इतना ही नहीं उससे बड़े ही सादा अंदाज में पूछा कि यार मुझे भी सिखा तो यह मशीन चलाना। इस पर ऑपरेटर ने उनको पूरी काम की जानकारी दी और सिंधिया ने मशीन भी चलाकर देखी।
वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण करने के बाद केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि जब 1917 में मुम्बई में पेयजल के इंतजाम हो रहे थे तभी ग्वालियर में पेयजल का विकास शुरू हो गया था। यह चौथा प्लांट है। इससे ग्वालियर की पेयजल सप्लाई को आधार मिलेगा। जल्द यहां से हर दिन पानी की सप्लाई लोगों को की जाएगी। इसके साथ ही शहर में बनी टंकियों को हर दिन भरा जाएगा। सिंधिया ने कहा कि पानी की सप्लाई प्रॉपर हो सके और भविष्य में कोई परेशानी हो इसके लिए चंबल से पानी की सप्लाई के प्रोजेक्ट को पूरा किया जा रहा है।
छह साल से इंतजार... अब शहर को अब शहर को रोज मिलेगा पानी
प्रदेश के छोटे-बड़े अधिकांश नगर निगम अपने शहर के लोगों को रोजाना पानी सप्लाई दे रहे हैं। वहीं ग्वालियर नगर निगम छह साल बाद अब रोजाना पानी देने की तैयारी कर रहा है। निगम के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने नियमित सप्लाई की प्लानिंग कर ली है। उधर, जल संसाधन विभाग पानी की मात्रा बढ़ाने को लेकर तैयार हैं। क्योंकि मानसून की बेरुखी से छह साल पहले साल 2016 में शहर के एकमात्र पेयजल सप्लाई के स्रोत तिघरा बांध में पानी कम था। तत्कालीन पीएचई के प्रभारी सदस्य धर्मेंद्र राणा के अनुसार 2016 में एक दिन छोड़कर पानी का प्रस्ताव परिषद में आया था। उसके बाद से लगातार एक दिन छोड़कर पानी दिया जा रहा है।