हादसे रोकने नई पहल...तिराहे पर ट्रैफिक दुरूस्त संकरी सड़क को चौड़ा करने सरकाए बैरिकेड्स

Mar 26 2022

ग्वालियर। एलआईसी तिराहे पर लगने वाले ट्रैफिक जाम को रोकने के लिए तीन दिन से ट्रैफिक पुलिस प्रयोग कर रही है। पहले दिन लोहे के बैरिकेड्स लगाकर यातायात दुरुस्त किया। लेकिन लोग नहीं मान रहे हैं और जहां पर बैरिकेड्स समाप्त होते है, वहां से वाहन मोड़ रहे है, जिससे तिराहे से कुछ मीटर दूर ही जाम के हालात बन रहे हंै। एलआईसी तिराहा स्थित सड़क पर आए दिन हादसे होते हैं और यहां पर ट्रैफिक जाम होता है। इसे सुधारने के लिए एक बार फिर पुलिस ने नया प्रयोग किया है। लगातार ट्रैफिक जाम और एलआईसी के सामने बॉटल नेक बनने से नए पुल से उतरते वाहनों और सामने से आने वाले वाहनों के टकराव पर सड़क हादसे होते थे। पुलिस ने पहले 7 दिन ड्रोन उड़ाकर यहां निगरानी की है। जब मूल समस्या पकड़ में आई तो उसका इलाज किया है। 
सिंधिया कन्या विद्यालय और मोतीमहल तिराहे पर आखिर जाम से निजात से क्यों नहीं मिल रही है। इसे समझने के लिए पुलिस ने जमीन से लेकर आसमान तक से निगरानी कर जाम की जड़ को परखा। आईजी अनिल शर्मा और एसएसपी अमित सांघी भी एलआईसी तिराहे पर पहुंचे। यहां रोज नए प्रयोग कर रहे पुलिसकर्मियों से पूछा दिक्कत कहां आ रही है। अफसरों ने जाम से निजात के लिए सड़क पर मंथन किया फिर 7 दिन तक ड्रोन उड़वा कर देखा दोनों तिराहों के बीच क्या रोडा है, जो जाम लगा रहा है और हादसे हो रहे हैं। 
ड्रोन की नजर से देखने पर पता चला एलआइसी के सामने सड़क संकरी है यहां बॉटल नेक बन रहा है। दोनों तरफ से यातायात का दबाव बढऩे पर जाम लग रहा है। इस ट्रैफिक को आमने-सामने आने से रोकने के लिए पुलिस ने भी टी प्वाइंट पर बेरिकेड्स रखे हैं वह एलआईसी की तरफ सरके हैं। इससे रास्ता और संकरा हो रहा है। इन डिवाइडर को करीब सवा फीट दूसरी तरफ साकाया तो थोड़ा रास्ता खुल गया। इसका असर शाम को दिखा दो दिन से जहां लोग जाम में उलझ रहे थे, वहां आराम से ट्रैफिक निकलता दिखाई दिया। वाहन भी एक-दूसरे से नहीं टकराए।
नए ब्रिज से आने वालों को अब सीधे आना होगा
सिंधिया कन्या विद्यालय और मोतीमहल के बीच ट्रैफिक जाम को रोकने के लिए यातायात पुलिस ने पड़ाव स्थित नए ओवर ब्रिज से सिंधिया कन्या विद्यालय के पास तक सीमेंट के भारी बैरिकेड्स रखवा दिए। डीएसपी नरेश बाबू अन्नोटिया ने बताया अभी तक सड़क पर प्लास्टिक और लोहे के बैरिकेडस रखे थे। नए ओवर ब्रिज से आने वाले इन बैरिकेडस को सरका कर पड़ाव चौराहे की तरफ मुड़ जाते थे। इससे एक्सीडेंट की संभावना रहती थी और जाम लगता था। अब सीमेंट के 50 बैरिकेडस क्रेन से रखवा दिए हैं। इन्हें सरकाया नहीं जा सकता। नए ओवर ब्रिज से आने वालों को अब सीधे आना होगा।