स्वर्णरेखा नदी के पुल पर लगीं जालियों में लटकाए गमले, स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत आकर्षक रूप से सजाया गया

Mar 21 2022

ग्वालियर। स्वच्छ सर्वेक्षण की टीम अब अप्रैल में आएगी, लेकिन नगर निगम अपनी तैयारियों में कोई कमी नहीं छोडऩा चाहता है। नगर निगम ने बोट क्लब के स्वर्ण रेखा नदी पुल पर लगी जाली पर गमले व पोस्टर लगाकर स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत आकर्षक रूप से सजाया गया है। वहीं शहर दीवारों पर भी पेंटिंग कराई गई हैं।
गौरतलब है कि दस्तावेजीकरण की अंतिम तारीख 25 मार्च कर दी गई है। इसलिए अनुमान लगाया जा रहा है कि शहर में सर्वे के लिए दिल्ली से टीमें अप्रैल माह में आएंगी। इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण 6000 की बजाय 7500 अंकों का होगा। इसमें जनता से फीडबैक, खुले में शौच, डोर-टू-डोर कचरा कनेक्शन, सुंदरीकरण जैसे प्रमुख बिंदु शामिल हैं। इनके अलावा नवाचार और दस्तावेजों के आधार पर भी अंक मिलेंगे। इसलिए दस्तावेजों के जरिए ज्यादा अंक लाने में निगम जुटे हैं। नगर निगम ग्वालियर पिछली बार दो पायदान बढ़कर 13वां स्थान हासिल किया था।
फागिंग का समय किया निर्धारित
 हाई कोर्ट की युगल पीठ में नगर निगम ने डेंगू व मलेरिया को खत्म करने के लिए अपना प्लान पेश कर दिया। निगम की ओर से तर्क दिया कि फागिंग का वार्ड स्तर पर समय निर्धारित किया है। जो कर्मचारी फागिंग करने जा रहा है, उसको पूरी जानकारी भरकर देनी होती है। वार्ड अधिकारियों को सफाई व फागिंग की जिम्मेदारी दी गई है। यदि लापरवाही बरती जाती है तो वार्ड अधिकारी जिम्मेदार होंगे। अवधेश सिंह भदौरिया ने अवमानना याचिका दायर की है। हाई कोर्ट ने डेंगू को खत्म करने के लिए दिशा निर्देश जारी किए थे। उनका पालन नहीं करने पर अवमानना याचिका दायर की। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि शहर में हर साल डेंगू व मलेरिया की चपेट में आ जाता है, लेकिन नगर निगम व जिला प्रशासन इसे खत्म करने के इंतजाम नहीं करते हैं। हाई कोर्ट ने नगर निगम से पालन प्रतिवेदन रिपोर्ट मांगी थी। निगम की ओर से बताया गया कि शहर में 486 नाले है, जिसमें 25 नाले बड़े हैं। इनमें सफाई अभियान चल रहा है। नालों को पाटा भाी जा रहा है। फागिंग की जिम्मेदारी वार्ड अधिकारियों को दी है।