जीवन में खुशियों की प्रासंगिकता को पहचाने- विजय कुमार उपमन्यु

Mar 21 2022

ग्वालियर। गांधी प्राणी उद्यान फूलबाग पर आत्मशांति आनंदम क्लब एवं ग्वालियर आनन्दक टीम द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय खुशहाली दिवस मनाया गया। जिसमे आम लोगो से खुश रहने के बारे चर्चा की एवम उनसे प्रश्नों द्वारा पूछा गया कि आपके लिए खुशी क्या है। आप अपनी खुशी के लिए प्रतिदिन क्या करते है। स्वयं से स्वयं की मुलाकात के लिये कितना समय देते है। राज्य आनन्द संस्थान की आनन्द गतिविधियों एवं कार्यक्रमों के बारे में जानकारी देते हुए आनन्दक जोड़ो अभियान 2022 से भी अवगत कराया गया।
 अंतर्राष्ट्रीय खुशहाली दिवस का उद्देश्य दुनिया भर के लोगों को उनके जीवन में खुशी के महत्व का एहसास कराना है। सकारातमकता का प्रसार करना है। विजय कुमार उपमन्यु डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम लीडर (आनन्द) ने बताया कि किसी व्यक्ति के जीवन में खुशी सबसे महत्वपूर्ण चीजों में से एक होती है। जिस दिन जीवन में हम खुशी की प्रासंगिकता को पहचानना शुरू करते हैं, हम लंबे समय तक जीवित रहते हैं और अधिक उत्साह से जीवन के प्रति जागरूक होते हैं। मास्टर ट्रेनर एके शर्मा ने बताया कि चेहरे पर मुस्कुराहट बरकरार रखना बहुत ही अद्भुत कला है। खुश रहने की सबकी अपनी-अपनी वजहें होती हैं।
सुनील चोपड़ा आनंदम सहयोगी ने बताया कि जो खुश हैं वही दूसरों को भी खुश रखेगा। खुश रहना एक व्यक्तिगत चॉइस है। लोग जीवन में छोटी से छोटी चीजों, घूमने, खरीदारी करने, पेंटिंग, स्विमिंग, मिलने जुलने मैं भी खुशी पाते हैं। गजेन्द्र सरकार आनंदम सहयोगी ने बताया कि खुश रहने के लिए लोग योग, फनी वीडियोज, कॉर्टून सीरियल्स और जोक्स जैसी कई चीजों का सहारा ले रहे हैं। बाहरी चीजों के साथ-साथ अंदर से सुकून होगा तो चेहरे पर मुस्कान हमेशा कायम रहेगा।
मास्टर ट्रेनर दीप्ति उपाध्याय, आनंदम सहयोगी भारती शाक्य, तृप्ति शर्मा, सपना पांडे, नेहा शर्मा, ध्रुव श्रीवास्तव, गोविन्द चौबे, आशोक गुप्ता, किशन धाकड़ ने लोगो को खुश रहने के बारे में बताया एवं चर्चा में सहयोग किया।