सीएमने एमआइटीएस कालेज में उड़ाया ड्रोन, बोले-पहला स्कूल खुल गया
Mar 11 2022
ग्वालियर। प्रदेश के पहले ड्रोन स्कूल का शुभारंभ प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, नरेन्द्र सिंह तोमर, सांसद विवेक शेजवलकर ने ड्रोन उड़ाकर स्कूल का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ड्रोन स्कूल में शिक्षा लेने वाले छात्र यदि कृषि क्षेत्र में इसका उपयोग करने के लिए ड्रोन खरीदते हैं तो उनको 4 लाख की सब्सिडी दी जाएगी और कृषि स्नातक छात्रों को 5 लाख तक की सब्सिडी मिलेगी। एमआइटीएस में एक छात्रावास का भी शिलान्यास किया गया। इस मौके पर प्रदेश की खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया, स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी एवं प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट व एमआइटीएस के डायरेक्टर आरके पांडे, सहित अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि सीएम और केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर के सहयोग से तीन माह में पहला ड्रोन स्कूल खुल गया है। उन्होंने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री का कहना है कि हमारा देश फ्लोवर नहीं लीडर बनना चाहिए, ये उसी दिशा में उठाया गया कदम है। तीन माह में सारी अनुमतियां मिल गईं और स्कूल खुल गया। वहीं केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि कृषि के क्षेत्र में हमारे किसान भाई ड्रोन का उपयोग कर उन्नत खेती करके मुनाफ कमा सकेगा।
ड्रोन स्कूल संचालन के लिए इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी और एमआइटीएस के बीच एमओयू साइन हुआ था। एमआइटीएस परिसर में ड्रोन स्कूल का संचालन इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी द्वारा किया जाएगा। अकादमी के अनुराग शुक्ला ने बताया कि स्कूल में पहली क्लास 12 मार्च से शुरू होगी। जिसमें 3 दिन की प्रैक्टिकल क्लास, ड्रोन उड़ाना, सीखने के लिए झारखंड के दो छात्र आ रहे हैं। अभी 10 लोग आनलाइन प्रवेश ले चुके हैं। जिनकी क्लास भी 12 मार्च से शुरू की जाएगी। 6-6 छात्रों के अलग-अलग बैच बनाए जाएंगे। माह में करीब 30 छात्र ड्रोन उड़ाना सीख सकेंगे।
ड्रोन चलाना सीखने के लिए इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी ने 5 दिन का कोर्स रखा है। जिसकी फीस 55 हजार रुपये और18 फीसद जीएसटी रखी गई है। इसमें दो दिन ड्रोन के बारे में पढ़ाया जाएगा और 3 दिन ड्रोन को उड़ाना सिखाया जाएगा। इसके बाद एक टेस्ट को पास करना होगा, तब प्रमाण पत्र मिलेगा। ड्रोन स्कूल में प्रवेश लेने के लिए 10 वीं पास, पासपोर्ट और 18 से 65 साल के बीच का कोई भी व्यक्ति प्रवेश ले सकेगा।
पायलट व इंस्ट्रक्टर कोर्स कराया जाएगा
स्कूल के इंचार्ज प्रणयदीप गौड़ ने बताया कि यहां पर 5 दिन में दो कोर्स की पढ़ाई होगी। इसमें इंस्ट्रक्टर और पायलट का कोर्स शामिल है। इंस्ट्रक्टर निर्देश देता है और पायलट ड्रोन उड़ाना सिखाता है, पर दोनों का 5 दिन का प्रशिक्षण एक ही है। इंस्ट्रक्टर को मौखिक साक्षात्कार देना पड़ता है ।इसलिए उसका 6 दिन का कोर्स हो जाता है। यह कोर्स करने वालों को नौकरी दिलाने में अकादमी मदद करती है। इंस्ट्रक्टर को पढ़ाने के क्षेत्र में और पायलट को सर्वे के कार्य में नौकरी मिलने की संभावनाएं होती है।
संपादक
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