सीता के लिव इन पार्टनर शेरू थापा ने ही दुत्कारने पर की थी हत्या

Mar 10 2022

ग्वालियर। 10 दिन पहले हुई सीता थापा की हत्या में फरार उसके लिव-इन पार्टनर को पुलिस ने बस स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया है। उसने हत्या करना कबूल कर लिया है। आरोपी शेरू थापा ने बताया है कि दो साल पहले कोरोना में उसकी नौकरी छूट गई थी। वह बेरोजगार हो गया था तो सीता के तेवर बदल गए थे। वह अपनी कमाई पर मुझे पाल रही थी ऐसा बार-बार अहसान दिखाती थी। वह जब भी शराब पीकर आता था सीता उसे दुत्कार देती थी। उस दिन भी ऐसा हुआ। जिस पर मेरा दिमाग सनक गया और उसका गला काट दिया। घटना पीएचई कॉलोनी के फ्लैट नंबर-10 में हुई थी। पुलिस आरोपी से और डिटेल में पूछताछ कर रही है।
सीएसपी रवि भदौरिया ने बताया कि 27 फरवरी की रात हजीरा की पीएचई कॉलोनी स्थित एक फ्लैट में महिला का शव पड़ा मिला था। महिला की पहचान सीता थापा के रूप में हुई थी। पता लगा था कि वह यहां शैफ शेरू थापा के साथ लिव इन में कई सालों से रह रही थी। वैसे वह इंदौर की रहने वाली थी। घटना के बाद से शेरू फरार था। महिला का शव भी सडऩे लगा था। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि हत्या 24 से 36 घंटे पहले हुई है। शैफ पर शंका होने के बाद पुलिस टीम उसकी तलाश में लगा दी गई। इसी दौरान  मालूम चला कि आरोपी बस स्टैंड पर है। इस पर टीम ने उसे दबोच लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम शेरू थापा बताया। उसने बताया कि हत्या के बाद वह उज्जैन और इंदौर रहा। वही रहकर फरारी भी काटी। पुलिस पता लगा रही है कि फरारी उसने कहां और कैसे काटी। किन-किन लोगों ने उसकी मदद की। पुलिस को अभी उससे चाकू भी बरामद करना है।
यह था मामला
पीएचई कालोनी स्थित राजीव गांधी आवास के फ्लेट नंबर 10 से 27 फरवरी की रात जब बदबू आई तब मल्टी वालों को शंका हुई। जाकर देखा तो सीता थापा की लाश पड़ी हुई थी। पुलिस को खबर मिली तो मौके पर पहुंची। लाश न्यूड पड़ी थी। उसके साथ लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाला शेरू थापा गायब था। सीता के गले पर चाकू के वार थे, इसलिए यह तो तय था कि उसकी चाकू से गला रेतकर हत्या की गई है। शेरू शराब पीने का आदी था। इसलिए पूरा शक उस पर ही था। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम हाउस भेजकर मल्टी वालों से बात की तो उनका कहना था कि पिछले दो दिन से सीता को नहीं देखा। उसके दरवाजे खुले हुए थे। जब बदबू आने लगी तब जाकर यह घटना पता चली है। 
आरोपी ने बताया कि सीता अब उसके साथ अच्छा व्यवहार नहीं करती थी। कोरोना के कारण उसका काम-धंधा छूट गया था। उसे संदेह था कि सीता किसी अन्य व्यक्ति के संपर्क में थी और उसे घर से भगाने लगी थी। वह उसे इंदौर भी पत्नी के पास नहीं जाने देती थी। 27 मार्च की रात को उसका सीता से झगड़ा हुआ और उसने उसकी हत्या कर दी। हजीरा थाना पुलिस ने शेरू को सीता थापा की हत्या के आरोप में नामजद कर लिया है।
शेरू ने अपनी पत्नी को सीता ने पति को छोड़ा
सीता की शादी पदम थापा नाम के युवक से हुई थी, जो कि वर्तमान में बहोड़ापुर के रामपुरी मोहल्ले में रहता है। लेकिन करीब 7 साल पहले उसे छोडकर सीता शेरू के साथ लिव इन रिलेशन में रह रही थी। शेरू ने भी अपनी पत्नी शर्मिला को छोड़ दिया था। शर्मिला महिमा लॉज में हाउस कीपिंग का काम करती है।