कांग्रेस की भूख हड़ताल के आगे झुका प्रशासन, जेल में बंद छात्र नेता होंगे रिहा

Mar 10 2022

ग्वालियर। शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ.देवेन्द्र शर्मा और मप्र कांग्रेस कमेटी के महासचिव सुनील शर्मा द्वारा अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के दूसरे प्रशासन के तेवर उस समय ढीले पड़ गए जब दोनों नेताओं की हालात बिखड़ गई। इसके बाद कलेक्टर कौशलेन्द विक्रम सिंह, एसएपी अमित सांघी धरना स्थल पर पहुचें।
दोनों अधिकारी ने कहा कि शीघ्र ही जेल में बंद छात्र नेताओं की रिहाई की प्रक्रिया कानून के अंर्तगत पूर्ण की जाएगी और उन्हें रिहा किया जाएगा। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि आपने पहले भी आश्वासन दिए है आज आप पुन: फिर आश्वासन दे रहे है हम आप पर विश्वास कर रहे हंै कि आप न्याय प्रक्रिया पूरी कर छात्र नेताओं को रिहा करेंगे।
इससे पूर्व कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि कांग्रेस गांधीवादी तरीके से अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए कार्यकर्ताओं के सुख-दुख में साथ निभाएगी। इस दौरान नेताओं ने एकता का भी परिचय दिया। धरने में प्रेम सिंह भदोरिया ,कार्यवाहक अध्यक्ष इब्रहिम पठान, चतुर्भुज धनोलिया, आरपी सिंह, डॉ. राम पांडे, संजय सिंह राठौर, मुनेन्द्र सिंह भदोरिया, सुनील श्रीवास पप्पू सहित बड़ी संया में कांग्रेसजन सम्मलित थे।
यह था पूरा मामला
ग्वालियर में 31 जनवरी को कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ आंदोलन किया था। जिसमें सीएम शिवराज सिंह, केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के पुतले दहन किए गए थे। इसी पुतला दहन को रोकने के चक्कर में सब इंस्पेक्टर दीपक गौतम जलता हुआ पुतला छीनने के समय झुलस गए थे, हादसे के बाद पुलिस ने हत्या के प्रयास की एफआईआर  दर्ज की थी। एसआई के आग में झुलसने के चलते कांग्रेस और एनएसयूआई के 6 नेताओं को नामजद सहित कुल 19 लोगों को आरोपी बनाया गया था। उसी दिन से लगातार कांग्रेस जिला प्रशासन व पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। कांग्रेस ने बीते 37 दिन से प्रशासन के खिलाफ आंदोलन कर रही थी। पुलिस ने इस मामले में पांच छात्र नेताओं को हत्या के प्रयास का आरोपी बनाकर जेल भेज दिया था। तब से लेकर कांग्रेस लगातार छात्र नेताओं पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग कर रही है इसी कड़ी में मंगलवार से भूख हड़ताल की थी। कांग्रेस की मांग है दर्ज मामले वापस लिए जाएं। पुलिसकर्मी का झुलसना सिर्फ एक हादसा था। हया का प्रयास का मामला गलत दर्ज किया गया है।
कलेक्टर, एसएसपी ने दिया आश्वासन, फिर माने
जब देवेन्द्र शर्मा की तबीयत बिगडऩे का पता लगा तो कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, एसएसपी अमित सांघी दोनों अनशन स्थल पर पहुंचे। पहले तो कांग्रेस नेता को समझाया कि वह धरना बंद कर दे, लेकिन वह नहीं माने तो कलेक्टर सिंह ने उन्हें आश्वासन दिया है कि वह एसएसपी ग्वालियर से कहेंगे कि पूरे मामले की विधिसंगत जांच कर जो तथ्य सही पाए जाएं उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।