नगर निगम ने किया 50 से अधिक संस्कृत के विद्वानों का सम्मान

Mar 06 2022

ग्वालियर। कालीदास संस्कृत अकादमी, मप्र संस्कृति परिषद, जीवाजी विश्वविद्यालय, महाकवि भवभूति शोध एवं शिक्षा समिति द्वारा आयोजित भवभूति समारोह के अंतिम दिवस पर नगर निगम ग्वालियर द्वारा देशभर से पधारे 50 से अधिक संस्कृत के विद्वानों का शॉल व श्रीफल ओढ़ाकर समान किया गया। 
इस अवसर पर सहायक संचालक जनसंपर्क एवं नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी मधु सोलापुरकर एवं अन्य अतिथियों द्वारा संस्कृत के विद्वानों को सम्मानित किया गया। जीवाजी विश्व विद्यालय के गालव सभागार में आयोजित भवभूति समारोह में प्रभारी निदेशक कालिदास संस्कृत अकादमी, उÓजैन डॉ. सन्तोष पाण्ड्या, डॉ. एसके द्विवेदी, अधिष्ठाता, छात्र कल्याण जीवाजी विश्वविद्यालय, समिति के कार्यकारी अध्यक्ष रामगोपाल भावुक एवं समिति के सचिव डॉ मनीष खमरिया व महाकवि, भवभूति शोध एवं शिक्षा समिति के समस्त पदाधिकारीगण उपस्थित रहे। इस अवसर पर देश भर से पधारे 50 से अधिक संस्कृत विद्वानों का सम्मान नगर निगम ग्वालियर द्वारा किया गया। समारोह में देश के अलग-अलग शहरों के 50 विद्वान उपस्थित रहे। 
दो दिवसीय भवभूति समारोह में डॉ. मुरलीमनोहर पाठक, नई दिल्ली, डॉ. गोविन्द गन्धे, उज्जैन, डॉ. राजीवालोचन शुल, अलीगढ़, डॉ. एसपी शर्मा, अलीगढ़, डॉ. भगवतशरण शुल, वाराणसी, डॉ. कामताप्रसाद त्रिपाठी, प्रतापगढ़, डॉ. विन्ध्येश्वरी प्रसाद मिश्र, वाराणसी, डॉ. राजेन्द्र सहारिया, सोहागपुर, डॉ. सनन्दन त्रिपाठी, भोपाल, डॉ. नीलाभ तिवारी, भोपाल, डॉ. लालाशंकर गयावाल, भरतपुर, डॉ. प्रशस्यमित्र शास्त्री, रायबरेली, डॉ. चन्द्रभूषण झा, नई दिल्ली, डॉ. सुरचना त्रिपाठी, लखीमपुर, डॉ. वेदव्रत आदि विद्वानों ने उपस्थित होकर संस्कृत पर व्यायान दिए। वहीं डॉ रामेश्वर प्रसाद गुप्त डॉटर लक्ष्मी नारायण तिवारी डॉटर विष्णु नारायण तिवारी सहित अन्य विद्वानों ने अपने शोध पत्र पढ़े और अपनी रचनाओं की प्रस्तुति दी।